लुधियाना हिंसा मामला : एस.आई.टी. गठित, फोरेंसिक जांच हेतु भेजे तथ्य

punjabkesari.in Saturday, Feb 12, 2022 - 09:30 AM (IST)

लुधियाना (मोहिनी): हलका आत्म नगर में गत दिनों लोक इंसाफ पार्टी व कांग्रेस के प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुए हिंसक झगड़े के बाद पुलिस ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जहां सिमरजीत बैंस व उसके समर्थकों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में एफ.आई.आर. दर्ज कर ली थी वहीं नाटकीय घटनाक्रम गिरफ्तारी के उसी दिन देर रात पुलिस द्वारा बैंस को जांच के नाम पर रिहा कर दिया गया था। लेकिन इस मामले की आगे की कार्रवाई हेतु जिला पुलिस द्वारा एस.आई.टी. गठित की गई है, जहां घटना के संदर्भ में प्रत्यक्षदर्शियों के ब्यान लिए गए है और घटनास्थल वाली रोड पर लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की वीडियो और ऑडियो क्लिप व सोशल मीडिया पर आई कई वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया हैं। एस.आई.टी. के मैंबर व ज्वाईंट पुलिस कमिश्रर (देहाती) रवचरण सिंह बराड़ ने बताया कि अभी जांच चल रही है व महत्वपूर्ण तथ्यों को फोरेंसिक जांच हेतू भेजा गया है व जांच पूरी होने के बाद ही इसका खुलासा किया जाएगा और नामजद किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। 

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हालांकि इससे पहले सिमरजीत सिंह बैंस ने इस घटनाक्रम की जांच की करने की मांग उठाई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें कस्टडी से छोड़ा था। दूसरी ओर इस लड़ाई के बाद विरोधी प्रत्याशियों के हाथ बटेर लग गया है और उनके लिए आत्म नगर की सुरक्षा भी एक चुनावी मुद्दा बन गया है। हो भी क्यों न, जिस तरह आत्म नगर में ईंट पत्थर व गाडिय़ां तोडने जैसी घटनाएं हुई हैं और मौके पर जिस तरह से पुलिस भी मूकदर्शक बनकर वीडियो बना रही थी, उससे आम नागरिकों व वोटरों को तो अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। 

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चुनावी माहौल में ऐसी वारदातें होना आम बात हो चुकी 
हल्का आत्म नगर में हर चुनावी माहौल में इस तरह की वारदातें होना आम बात हो चुकी है। जबकि पुलिस अभी भी माहौल शांत रखने का दावा कर रही है और प्रत्याशियों की वीडियोग्राफी की जा रही है, ताकि जनता में सुरक्षा के प्रति विश्वास कायम रखा जा सके। हालांकि चुनावों के दौरान ही आत्म नगर में बैंस और कड़वल के समर्थकों के बीच आधा दर्जन से ज्यादा हिंसक वारदातें हो चुकी हैं।

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वारदात में इस्तेमाल किया लाइसेंसी या अवैध असला
चुनावों के मद्देनजर पुलिस द्वारा लोगों से लाइसेंसी असला जमा करवाने में तेजी पकड़ी गई थी और जिला पुलिस का दावा है कि शहर का 99 फीसदी असला जमा करवा लिया गया है। लेकिन शिमलापुरी इलाके में सरेआम गुंडागर्दी का जो नंगा-नाच दो पार्टियों के समर्थकों ने दिखाया, उसे देखने के बाद पुलिस के दावे हवा-हवाई लग रहे हैं। क्योंकि वहां पर फायरिंग भी हुई, जिसकी आवाज लोगों ने सुनी और गोलियां चलती दिखाई दी। लेकिन अभी तक पुलिस को  ये पता नहीं चल पाया है कि वो असलहा अवैध था या लाइसेंसी? जिसके लिए अधिकारियों की और से जांच की बात की जा रही है। 

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News Editor

Kalash

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