Ludhiana: थाने से गायब हुई लाइसेंसी बंदूक, इंसाफ के लिए 10 महीने से भटक रही विधवा

punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 08:34 AM (IST)

लुधियाना, (राज) : थाना हैबोवाल से एक बेहद संगीन और खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चुनाव आचार संहिता के दौरान थाने में सरकारी निगरानी में जमा करवाया गया एक नागरिक का लाइसेंसी हथियार अब थाने के मालखाने से रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया है। हालांकि, जिसका हथियार है, उस व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

लेकिन, मृतक लाइसेंसी धारक की बेबस पत्नी पिछले 10 महीनों से अपने पति  के नाम पर चल रहे लाइसेंसी हथियार को वापस लेने के लिए थाने और पुलिस कमिश्नर दफ्तर के चक्कर काट-काटकर थक चुकी है, लेकिन पुलिस अधिकारी उसे केवल तारीखें और टालमटोल भरे जवाब दे रहे हैं। पीडि़ता ने आशंका जताई है कि उसका लाइसेंसी हथियार थाने से चोरी हो चुका है या किसी को अवैध तरीके से दे दिया गया है, जिसका शहर में किसी आपराधिक वारदात में दुरुपयोग भी हो सकता है। मामले की जानकारी देते हुए रजनी बसीन ने बताया कि उनके पति जतिंदर कुमार बसीन पेशे से फोटोग्राफर थे और उनके पास लाइसेंसी हथियार था। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन के आदेशों का पालन करते हुए पति जतिंदर कुमार ने अपना लाइसेंसी हथियार थाना हैबोवाल में जमा करवा दिया था। चुनाव संपन्न होने के बाद जतिंदर कुमार गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, जिसके चलते वे समय पर थाने जाकर हथियार वापस नहीं ले सके। बीमारी लंबी हो गई और दुर्भाग्यवश नवंबर 2025 में उसके पति की  मौत हो गई।

दिसंबर 2025 में रस्में पूरी कर थाने पहुंचीं, मुंशी ने कहा, हथियार नहीं मिल रहा :
रजनी बसीन ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद तमाम अंतिम रस्में पूरी कर वह दिसंबर 2025 में थाना हैबोवाल पहुंचीं। उसने वहां मौजूद मुख्य मुंशी को पति के मृत्यु प्रमाण पत्र सहित सभी कानूनी दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उनके पति की मृत्यु हो चुकी है और वे अपने हथियार को नियम अनुसार वापस लेकर आगे किसी अन्य लाइसेंस धारक को बेचना  चाहती हैं। पीडि़ता का आरोप है कि मुख्य मुंशी और थाने के मुलाजिम महीनों तक किसी ना किसी बात का बहाना बनाकर उन्हें लगातार टरकाते रहे। आखिरकार चार महीनों के बाद थाने के पुलिस मुलाजिमों ने हाथ खड़े करते हुए साफ कह दिया कि आपका हथियार मालखाने में नहीं मिल रहा है, हम उसे तलाश रहे हैं। महिला का कहना है कि उसके समय के पुलिस मुलाजिमों का तबादला भी हो चुका है, मगर उसके पति का लाइसेंसी हथियार नहीं मिल पाया है।

मई 2026 में सीपी को दी शिकायत, एसीपी लाइसेंसिंग के पास जांच विचाराधीन :
रजनी ने बताया कि तत्कालिन थाना मुलाजिमों के गैर-जिम्मेदाराना जवाब के बाद उसे पक्का यकीन हो गया कि उनके पति का लाइसेंसी हथियार या तो थाने के भीतर से चोरी हो चुका है या पुलिसकर्मियों की लापरवाही से कहीं गुम कर दिया गया है। जबकि उसकी हथियार आगे बेचने तक की मंजूरी सी.पी. ऑफिस ले ली थी। मगर उसे हथियार नहीं मिला। इसीसे परेशान होकर रजनी ने मई 2026 में पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पेश होकर लिखित शिकायत सौंपी और इंसाफ की गुहार लगाई। पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने यह शिकायत जांच के लिए एसीपी (लाइसेंसिंग) को मार्क कर दी। पीडि़ता का कहना है कि जब-जब पुलिस अधिकारियों ने पेशी के लिए बुलाया, वह हर बार हाजिर हुईं। उसने संबंधित दस्तावेज भी पुलिस अधिकारियों को जमा करवा दिए। लेकिन मई से लेकर आज अक्टूबर तक छह महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस अधिकारी उन्हें जांच के स्टेटस रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। उच्चाधिकारियों के दफ्तर जाने पर भी उन्हें टालमटोल कर बैरंग लौटा दिया जाता है।

गलत हाथों में हथियार पहुंचने का अंदेशा, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग :
रजनी बसीन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना हैबोवाल के मालखाने की यह भारी सुरक्षा चूक केवल एक हथियार खोने का मामला नहीं, बल्कि एक आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि पंजाब और लुधियाना में आए दिन गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों द्वारा खुलेआम गोलियां चलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में अगर थाने से गुम हुआ हुआ यह लाइसेंसी हथियार किसी अपराधी गिरोह के हाथ लग गया, तो इससे कोई बड़ी वारदात हो सकती है, जिसका खामियाजा उनके निर्दोष परिवार को भुगतना पड़ सकता है। पीडि़ता ने पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा से गुहार लगाई है कि मालखाने का रिकॉर्ड सील किया जाए, हथियार जमा करने और उसकी कस्टडी रखने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और उनका हथियार तुरंत बरामद कर न्याय दिया जाए।
 


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Vatika

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