पंजाब के IPS अफसर को बड़ी राहत, भ्रष्टाचार के लगे सभी आरोप खारिज
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 06:27 PM (IST)
चंडीगढ़: पंजाब सरकार के गृह विभाग ने वर्ष 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह परमार को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी है। राज्यपाल के आदेश के अनुसार विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगाए गए कोई भी आरोप साबित नहीं हुए, जिसके बाद सभी आरोप वापस लेते हुए जांच बंद कर दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, 18 मई 2025 को ट्रांसपोर्ट विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई के आधार पर आईपीएस अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह परमार के खिलाफ ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
मामले की जांच स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अर्पित शुक्ला को सौंपी गई थी। विस्तृत जांच के बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों से सुरिंदर पाल सिंह परमार के खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं होती। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की थी और परमार के खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए।
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद पंजाब के राज्यपाल ने रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सुरिंदर पाल सिंह परमार के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप समाप्त करने और विभागीय कार्रवाई बंद करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि को लागू नियमों के अनुसार ड्यूटी अवधि माना जाएगा। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश की प्रतियां भारत सरकार के गृह मंत्रालय, पंजाब के डीजीपी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी हैं।

