जालंधर में सख्ती! क्लब-रेस्टोरेंट पर नई पाबंदियां, पुलिस ने दिए नए निर्देश
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 05:59 PM (IST)
जालंधर : शहर में सभी रेस्टोरेंट, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त खाने-पीने की जगहों को रात 12 बजे तक पूरी तरह बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। जालंधर पुलिस की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया है कि किसी भी रेस्टोरेंट, क्लब या अन्य खाने-पीने की जगह पर रात 11:30 बजे के बाद भोजन, पेय पदार्थ आदि का कोई भी ऑर्डर नहीं लिया जाएगा और न ही रात 11:30 बजे के बाद किसी नए ग्राहक को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। शराब की दुकानों से जुड़े अहाते रात 12 बजे या लाइसेंस की शर्तों के अनुसार पूरी तरह बंद होने चाहिए।
आदेशों में सभी संस्थानों को ध्वनि स्तर 10 डी.बी. (ए) के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि डीजे, लाइव ऑर्केस्ट्रा/गायक सहित सभी प्रकार के शोर उत्पन्न करने वाले स्रोत रात 10 बजे बंद कर दिए जाएं या उनकी आवाज कम कर दी जाए। रात 10 बजे के बाद किसी भी इमारत या परिसर के अंदर उत्पन्न होने वाली आवाज उसकी चारदीवारी से बाहर सुनाई नहीं देनी चाहिए। म्यूजिक सिस्टम लगे वाहनों के मामले में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी समय वाहन के बाहर संगीत की आवाज सुनाई न दे।
इसी तरह किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक व धार्मिक स्थानों, विवाह-शादियों/पार्टियों, मैरिज पैलेसों/होटलों/हॉलों तथा अन्य समारोहों में हथियार लेकर जाने और हथियारों का प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति हथियारों को बढ़ावा देने वाले तथा हिंसा, लड़ाई-झगड़ों की प्रशंसा करने वाले गानों के माध्यम से या हथियारों के साथ फोटो खिंचवाकर अथवा वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, स्नैपचैट और इंस्टाग्राम आदि पर अपलोड नहीं करेगा। ऐसा करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत भरा भाषण नहीं देगा।
इसी तरह एक अन्य आदेश के माध्यम से पुलिस कमिश्नरेट जालंधर की सीमा के भीतर बुलेट मोटरसाइकिल चलाते समय साइलेंसर में तकनीकी बदलाव कर पटाखों जैसी आवाज निकालने वाले वाहन चालकों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही यह भी आदेश दिए गए हैं कि कोई भी दुकानदार ऑटो कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के विरुद्ध बने साइलेंसर नहीं बेचेगा और न ही कोई मैकेनिक साइलेंसर में तकनीकी बदलाव करेगा।

