जालंधर में आदर्श नगर पार्क को लेकर बढ़ा विवाद, पढ़ें पूरा मामला
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 12:33 PM (IST)
जालंधर (खुराना) : आदर्श नगर मार्केट के पार्क को छोटा कर चौपाटी मार्केट की रेहड़ियों को वहां एडजस्ट करने की नगर निगम की योजना का मामला अब मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गया है। इस संबंध में आदर्श नगर मार्केट के दुकानदारों और कालोनी निवासियों की ओर से आदर्श नगर सभा ने डिप्टी कमिश्नर जालंधर के माध्यम से मुख्यमंत्री पंजाब को शिकायत भेजी है। इसके अलावा मामला सी.एम. पोर्टल पर भी दर्ज करवाया जा चुका है। इससे पार्क को छोटा करने की योजना को लेकर चल रहा विरोध अब और तेज होने के आसार बन गए हैं।
गौरतलब है कि इस संबंध में पंजाब केसरी द्वारा पहले ही प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया जा चुका है। नगर निगम की योजना के अनुसार अशोका मिल्कबार के पास से आदर्श नगर गर्ल्स स्कूल की ओर जाने वाली सड़क को ट्रैफिक के लिए खोलने, चौपाटी के कारण लगने वाले जाम से राहत दिलाने और इलाके को ब्यूटीफाई करने के लिए सड़क किनारे लगी रेहड़ियों को साथ लगते छोटे पार्क में शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए पार्क की एक दीवार को कुछ फुट पीछे करने की योजना है।
इसी योजना का विरोध करते हुए अब दुकानदारों और कालोनी निवासियों ने मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। उनका कहना है कि चौपाटी की समस्या का समाधान जरूरी है, लेकिन इसके लिए पार्क का आकार कम करना उचित नहीं होगा। उनका तर्क है कि जब इस इलाके में जमीनें और दुकानें विकसित की गई थीं, तब पार्क, पार्किंग और अन्य कम्युनिटी सर्विसेज के लिए भी लोगों से राशि ली गई थी। ऐसे में बाद में पार्क की जमीन को किसी अन्य इस्तेमाल में लाना सवाल खड़े करता है।
पार्क में बड़ी बैठक की तैयारी
सूत्रों के अनुसार आदर्श नगर मार्केट के दुकानदार और कालोनी निवासी अब इस मुद्दे को लेकर पार्क में पर्यावरण से जुड़ी एक बड़ी बैठक आयोजित करने की भी योजना बना रहे हैं। इसमें मार्केट के दुकानदारों के अलावा आसपास के निवासी और पर्यावरण से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। यदि यह बैठक बड़े स्तर पर आयोजित होती है तो पार्क को छोटा करने का मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बन सकता है और नगर निगम पर भी इस योजना की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि वे ब्यूटीफिकेशन या चौपाटी मार्केट की एडजस्टमेंट के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि चौपाटी को सिस्टम में लाया जाए, गंदगी और ट्रैफिक की समस्या दूर की जाए तथा पूरे इलाके को सुंदर बनाया जाए। लेकिन इसके लिए मौजूदा पार्क की हरियाली और क्षेत्रफल को कम करने के बजाय कोई दूसरा विकल्प तलाशा जाना चाहिए।
बताया गया है कि करीब 40 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट का टेंडर भी अलॉट हो चुका है और पहले उद्घाटन की तैयारी की गई थी, लेकिन दुकानदारों के विरोध के चलते कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था। अब मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने और पार्क में बड़ी बैठक की तैयारी के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर नगर निगम के सामने नई स्थिति पैदा हो गई है। माना जा रहा है कि यदि विरोध और तेज हुआ तो निगम को अपनी पार्क छोटी करने वाली योजना पर यू-टर्न भी लेना पड़ सकता है।
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