सिसोदिया को शिक्षा मंत्री परगट सिंह का जवाब, कैप्टन और केजरीवाल से भी पूछे सवाल

punjabkesari.in Thursday, Dec 02, 2021 - 10:57 AM (IST)

चंडीगढ़ (रमनजीत): पंजाब और दिल्ली के शिक्षा मॉडलों की तुलना के संदर्भ में पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल पर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब भवन में प्रैस कॉन्फ्रैंस के दौरान दिल्ली मॉडल को पानी का बुलबुला बताते हुए परगट सिंह ने कहा कि सरहदी राज्य पंजाब का राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मुकाबला ही गलत है। पंजाब एक कृषि प्रधान ग्रामीण राज्य है। दिल्ली एक म्युनिसिपालिटी शहर है। गांवों, खासकर अंतर्राष्ट्रीय सरहद के साथ लगते गांवों में मानक शिक्षा पहुंचाना हमेशा एक चुनौती रहा है। दोनों का मुकाबला ही तर्कसंगत नहीं। 

पंजाब का मुकाबला हरियाणा और राजस्थान आदि राज्यों के साथ करना बनता है। फिर भी, हैरानी की बात है कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मापदंडों के अनुसार मांगी सूची को सार्वजनिक न करके क्या छिपाना चाहते हैं? शिक्षा मंत्री ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया लगातार पंजाब की सरकारी शिक्षा प्रणाली की निंदा कर रहे हैं। आज दिल्ली के शिक्षा मंत्री द्वारा जिस तरीके से एक स्कूल में दाखिल होकर और स्टोर रूम को दिखाकर राजसी रोटियां सेंकने की भद्दी साजिश रची गई, उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर के मौके पर आप नेताओं की भीड़ ने आज स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है, जिसको भविष्य में कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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परगट सिंह ने कहा कि 5 साल के दौरान पंजाब सरकार की तरफ से किए गए शिक्षा सुधारों की बात करें तो पंजाब के करीब 13000 स्कूलों में 41000 स्मार्ट क्लास रूम बन चुके हैं, जबकि दिल्ली में कुल स्कूल ही 1000 हैं। परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में पिछले 3 साल में लगातार सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि (क्रमवार 5 प्रतिशत और 14 प्रतिशत) हुई है, जो भारत के इतिहास में सबसे बड़ी बढ़ौतरी है। पंजाब भारत का एकमात्र राज्य है, जहां सर्व शिक्षा अभियान के अध्यापकों को पक्का किया गया है। पंजाब ने पिछले 4 साल में 9000 के करीब नए अध्यापक भर्ती किए हैं और दिसंबर के अंत तक यह संख्या 20,000 हो जाएगी।

परगट सिंह ने कहा कि पंजाब ने अपने अध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनैस और कनाडा भेजा है। इन सभी सुधारों के कारण ही पंजाब राष्ट्रीय दर्जाबंदी (पी.जी.आई.) में 2021 में पहले नंबर पर आया है, जबकि दिल्ली 6वें नंबर पर है। इससे पहले सर्वेक्षण में पंजाब 13वें जबकि दिल्ली चौथे नंबर पर था।

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केजरीवाल और सिसोदिया से पूछे ये सवाल 
परगट सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से सवाल करते हुए पूछा कि शीला दीक्षित और केजरीवाल के समय में दिल्ली की शिक्षा का क्या मुकाबला था? अगर दिल्ली मॉडल इतना बढिय़ा है तो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम क्यों हो रही है और प्राइवेट स्कूलों में बढ़ क्यों रही है? दिल्ली के सरकारी स्कूलों का 10वीं का नतीजा शीला दीक्षित की सरकार की अपेक्षा बुरा क्यों आता है? दिल्ली सरकार ने पिछले 6 सालों में कितने नए सरकारी स्कूल खोले हैं क्योंकि वह दिल्ली में तो 500 नए सरकारी स्कूल खोलने की बात करते थे? 

पंजाब में सभी अध्यापकों को पक्का करने का वादा करने वाले केजरीवाल बताएगे कि दिल्ली में 22,000 से अधिक गैस्ट फैकल्टी अध्यापकों को कब पक्का करेंगे? दिल्ली के स्कूलों में अध्यापकों के 42 प्रतिशत स्थायी पद क्यों खाली हैं? दिल्ली के स्कूलों में बच्चों और अध्यापकों का अनुपात (35:1) इतना कम क्यों है? दिल्ली में जब से आप सरकार बनी है, उसने एक भी नया अध्यापक क्यों भर्ती नहीं किया? दिल्ली ने कितने सर्व शिक्षा अभियान वाले अध्यापक पक्के किए हैं? दिल्ली के 1060 में से 760 स्कूलों में प्रिंसीपल के पद क्यों खाली हैं? दिल्ली के 1844 स्कूलों में से 479 वाइस प्रिंसीपल के पद क्यों खाली हैं? दिल्ली के स्कूलों में 41 प्रतिशत नॉन टींचिग स्टाफ के पद खाली हैं? दिल्ली की ऑनलाइन तबादला नीति क्या है और उसके अधीन कितने अध्यापकों ने फायदा लिया है?

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Content Writer

Sunita sarangal

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