भीषण गर्मी में बढ़ने लगे पेट की बीमारियों के मरीज, जानलेवा साबित हो सकती है लापरवाही

punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 11:17 AM (IST)

अमृतसर (दलजीत): प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पेट संबंधी बीमारियों ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओ.पी.डी. में दस्त, उल्टी, एसिडिटी, फूड प्वाइजनिंग और आंतों के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई स्थानों पर वार्ड भर चुके हैं और एमरजेंसी विभाग में भी पेट दर्द तथा डिहाइड्रेशन से ग्रस्त मरीज लगातार पहुंच रहे हैं जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव बन गया है।

जानकारी के अनुसार तापमान बढ़ने के साथ पानी के स्रोतों में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं जबकि बाहर मिलने वाले खाद्य पदार्थ विशेषकर कटे हुए फल, चाट-पकौड़ी और ठंडे पेय संक्रमण का बड़ा कारण बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी की सप्लाई और शहरों में सफाई व्यवस्था की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है लेकिन जमीनी स्तर पर अमल कमजोर नजर आ रहा है।

विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन के मामले चिंताजनक हैं जहां थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं, घर का ताजा भोजन करें और दोपहर की तेज धूप के समय बाहर निकलने से बचें। इसके बावजूद यदि स्थानीय स्तर पर पानी की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की जांच में सख्ती नहीं बरती गई तो हालात और भी खराब हो सकते हैं।

संतुलित आहार बचाव के लिए बहुत जरूरी 

सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉ. विशाल वर्मा ने बताया कि बाहर का खाना और दूषित पानी दस्त तथा फूड प्वाइजनिंग के मामलों को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना और संतुलित आहार लेना बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है।

बच्चों में डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ने लगे

सरकारी मेडिकल कॉलेज के डा. दलजीत सिंह ने बताया कि बच्चों में डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ दें और किसी भी लक्षण को नजर-अंदाज न करें।

बाहरी चीजों व कटी चीजें खाने से करें परहेज

सरकारी मेडिकल कालेज के डॉ. तुषार बांसल ने बताया कि गर्मियों के मौसम में बाजार की चीजें और कटे हुए बाजारी फल खाने से गुरेज करना चाहिए। इसके अलावा पानी को उबालकर पीना चाहिए और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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News Editor

Kalash

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