हाईकोर्ट ने दी प्राइवेट स्कूलों को Admission और Tuition Fees वसूलने की छूट

6/30/2020 1:22:41 PM

चंडीगढ़: कोरोना महामारी के लॉकडाउन दौरान प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों और बच्चों के मां-बाप के बीच पैदा हुए फ़ीसों के झगड़े पर हाईकोर्ट ने बड़ा फ़ैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस के साथ एडमिशन फीस लेने की भी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट के बैंच ने यह भी कहा है कि लॉकडाउन दौरान स्कूल चलाने पर आया जायज खर्चा भी वसूला जा सकता है लेकिन स्कूल फ़ीस को बढ़ाया नहीं जा सकता। 


इसके साथ ही विद्यार्थियों के मां-बाप को थोड़ी राहत देते हाईकोर्ट ने यह बात ज़रूर कही है कि यदि वह फ़ीस न देने की हालत में हैं तो वह अपनी वित्तीय हालत संबंधित ठोस सबूतों के साथ स्कूल को विनती कर सकते हैं और स्कूलों को इस पर ग़ौर करना होगा और यदि कोई हल न निकला तो रेगुलेटरी अथॉरिटी के पास संपर्क किया जा सकेगा। जो स्कूलों की वित्तीय हालत पतली है और उनके पास रिज़र्व फंड नहीं हैं, वह ज़िला शिक्षा अफसरों के पास पहुंच कर सकेंगे। सरकार की तरफ से पिछले फ़ैसले में बदलाव करने की मांग बारे हाईकोर्ट ने कहा है कि मुख्य मामलों का निर्णय हो गया है। 

क्या है मामला
कोरोना महामारी की लॉकडाउन के बाद बंद पड़े स्कूलों की तरफ से बच्चों के मां-बाप से स्कूल फीस वसूलने की बात कही गई थी। इस पर मां-बाप का कहना था कि लॉकडाउन के कारण एक तो उनकी हालत पहले ही पतली है और दूसरा बच्चे स्कूल भी नहीं गए तो वह फ़ीस क्यों दें। दूसरी तरफ़ स्कूल प्रबंधकों का कहना था कि अध्यापकों की तरफ से बच्चों को ऑनवाइन पढ़ाई करवाई गई है जिस कारण वह फ़ीस वसूलने के हकदार हैं, इसके अलावा स्कूलों के और भी कई खर्च हैं जिसके लिए फ़ीस वसूलनी ज़रूरी है। उधर स्कूल फ़ीसों का मामला जब पंजाब सरकार के दरबार में पहुंचा तो सरकार ने स्कूलों को फ़ीस न लेने के लिए कहा और बाद में यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। अब हाईकोर्ट ने इसका निपटारा करते हुए साफ़ किया है कि स्कूल बच्चों से दाख़िला फीस ले सकते हैं, इसके अलावा वह बच्चों से ट्यूशन फ़ीस भी वसूल सकते हैं। 


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