पंजाब सरकार के दावों की निकाली हवा! Ludhiana में खिड़कियों से सरेआम बिक रहा गांजा
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 09:46 AM (IST)
लुधियाना(राज): पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा राज्य में 'नशों के खिलाफ जंग' के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। महानगर के थाना डाबा के अंतर्गत आते गुरप्रीत नगर की गली नंबर 0 में यह मुहिम पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। यहां नशे का कारोबार इस कदर पैर पसार चुका है कि स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। मोहल्ला वासियों का आरोप है कि इलाके में महिला नशा तस्करों का राज चल रहा है, जो अपने घरों की खिड़कियों से सरेआम गांजे और अन्य घातक नशीले पदार्थों की पुड़ियां सप्लाई कर रही हैं। इस अवैध धंधे के कारण गली में दिन-रात नशेडियों और असामाजिक तत्वों का मेला लगा रहता है, जिससे पूरे मोहल्ले में खौफ का माहौल है। हैरान करने वाली बात यह है कि परेशान लोग इस संबंध में थाना डाबा पुलिस को एक-दो नहीं बल्कि तीन बार लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और नीयत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
दरवाजे बंद, खिड़कियों से हो रही है नशे की सेफ डिलीवरी
इलाका निवासी सतिंदर कुमार ने पुलिस प्रशासन की आंखें खोलने वाला सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इलाके में सक्रिय नशा तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए नया और सुरक्षित तरीका निकाल लिया है। ये तस्कर अपने घरों के मुख्य दरवाजे हमेशा बंद रखते हैं और घर की खिड़कियों के जरिए आने-जाने वाले नशेडियों को चुपचाप नशे की पुड़ियां (पैकेट) थमा देते हैं। इस शातिर 'विंडो सप्लाई' के कारण तस्करों को रंगे हाथों पकड़ना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाता है नशेड़ियों का हुड़दंग
मोहल्ला निवासी दलजीत, मनजिंदर, नीरज और शिवम के मुताबिक, इस गली में हर रोज सुबह करीब 6 बजे से ही नशेडियों का आना-जाना शुरू हो जाता है, जो दोपहर 12 से 1 बजे तक लगातार जारी रहता है। नशे की चाह में बाहरी इलाकों से आने वाले हुड़दंगी युवक यहां सरेआम नशा करते हैं, गालियां निकालते हैं और माहौल को खराब करते हैं।
बीच सड़क पर बाइकें खड़ी कर रास्ता करते हैं जाम, विरोध करने पर मारपीट
इलाका निवासी यादविंदर ने बताया कि नशा खरीदने और करने आने वाले युवक अपनी मोटरसाइकिलें और अन्य वाहन गली के ठीक बीचों-बीच बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं। इससे पूरी गली ब्लॉक हो जाती है। जब कोई राहगीर या मोहल्ले का बुजुर्ग-महिला उन्हें वाहन हटाने को कहता है, तो ये नशेड़ी सीधे गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस वजह से गली में कई बार हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
दूषित माहौल के कारण बच्चों का घरों से बाहर निकलना हुआ दूभर
इलाका निवासी सोना और रजनी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गली नंबर 0 के इस दूषित और खौफनाक माहौल के कारण स्थानीय परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। नशेडियों की गंदी भाषा, आपस में होने वाली खूनी लड़ाइयों और असामाजिक गतिविधियों के कारण माता-पिता को हर वक्त अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य की चिंता सताती रहती है।
गुस्साए इलाका वासियों ने दी पुलिस के खिलाफ धरने की चेतावनी
डाबा पुलिस की इस ढुलमुल और निराशाजनक कार्यप्रणाली से नाराज गुरप्रीत नगर के निवासियों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। लोगों ने पुलिस प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने तुरंत इस नरक बनी गली में छापेमारी कर नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा और इलाके में पीसीआर की गश्त नहीं बढ़ाई, तो वे डाबा पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और धरना देने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी खुद प्रशासन की होगी।

