पंजाब: सैलरी को लेकर पड़ गया पंगा, कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान
punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 12:24 PM (IST)
श्री मुक्तसर साहिब (पवन तनेजा, खुराना): शिक्षा विभाग में 20 साल से सेवा दे रहे ऑफिस कर्मचारियों की सैलरी में 31,000 रुपये प्रति महीने की कटौती करने और मीटिंग में बार-बार भरोसा देने के बाद भी सैलरी का मसला हल न होने के विरोध में शिक्षा विभाग के 1007 ऑफिस कर्मचारियों ने 18 अप्रैल को दिड़बा में रैली करने और अपने बच्चों को वित्त मंत्री के घर छोड़ने का ऐलान किया है। पंजाब कैबिनेट ने 8 सितंबर को हुई कैबिनेट मीटिंग में 1007 कर्मचारियों की सैलरी काटने का प्रस्ताव पास किया था, जिसे 23 सितंबर, 2025 को नोटिफाई किया गया था, लेकिन फाइनेंस मिनिस्टर के साथ मीटिंग के दौरान उन्होंने बार-बार भरोसा दिलाया कि सैलरी नहीं कटेगी, लेकिन एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सैलरी काटने के ऑर्डर 24 फरवरी, 2026 को लागू किए, जिसके बाद आरोपियों ने मोहाली में बड़ी सभा करने के बाद चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के घर की तरफ मार्च किया, इस दौरान कर्मचारियों और चंडीगढ़ पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन कर्मचारी मुख्यमंत्री या फाइनेंस मिनिस्टर से मिलने पर अड़े रहे और मोहाली/चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन ने 27 फरवरी को फाइनेंस मिनिस्टर के साथ मीटिंग तय की।
फाइनेंस मिनिस्टर के ऑफिस ने 27 फरवरी की मीटिंग को 5 मार्च तक के लिए टाल दिया और फिर 6 मार्च, 27 मार्च और 10 अप्रैल तक के लिए टाल दिया। अब 10 अप्रैल को जब कर्मचारी मीटिंग में गए तो ऑफिस के अधिकारियों ने फिर से मीटिंग टालने का मैसेज भेज दिया, जिससे कर्मचारियों में रोष और निराशा की लहर है। प्रेस बयान जारी करते हुए ज्वाइंट एक्शन कमेटी सर्व शिक्षा अभियान मिड-डे मील ऑफिस कर्मचारी यूनियन फरीदकोट के नेता दीपक नारंग, पंकज कुमार, रणबीर सिंह, संगीता छाबड़ा ने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पिछले 7-8 महीनों से कर्मचारियों को कसम दिला रहे हैं कि कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी, लेकिन अब कर्मचारियों के वेतन में 31000-31000 की कटौती करके आरोपियों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया जा रहा है।
नेता ने कहा कि कर्मचारी पिछले 20-20 सालों से शिक्षा विभाग में लगन से काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों के वेतन देने के लिए पूरा बजट भी जारी किया जा रहा है, फिर भी सरकार कर्मचारियों के वेतन में कटौती करने पर तुली हुई है। नेताओं ने कहा कि कैबिनेट में पास हुए प्रस्ताव से साफ हो गया है कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती करके सरकार खजाने में करीब 23 करोड़ की बचत करेगी। सरकार कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के बजाय सैलरी में कटौती करके खजाना भरने की योजना बना रही है। नेताओं ने कहा कि सैलरी में कटौती से कर्मचारी अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि कर्मचारी 18 अप्रैल को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के दिड़बा स्थित घर पर आएंगे।
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