एक्शन मोड में पंजाब सरकार, कांग्रेस के कुछ और मंत्री जल्द होंगे सलाखों के पीछे

punjabkesari.in Saturday, Jun 11, 2022 - 06:08 PM (IST)

लुधियाना (शम्मी): पिछले 20 वर्षों से पंजाब की राजनीती एक दबने दबाने के दावे करने व रिश्वतखोरी के इलजाम लगाकर जेल में डालने की धमकियों के साथ चल रही है। हम अगर नजर डाले तो  2002 से 2007 कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहली बार बनी सरकार ने अकाली दल सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल पर रिश्वतखोरी के इलजाम लगाकर उन्हें जेल में भेज दिया था। उसके बाद 2006 में अकाली दल ने कांग्रेस पर सिटी सेंटर के आरोप लगाकर सत्ता में आने पर कैप्टन अमरिंदर को जेल में डालने के दावे किए थे और चुनाव प्रचार में डटकर इस बात का प्रचार किया। लेकिन 2007 में अकाली दल भाजपा की सरकार बनने पर प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर बादल ने सिर्फ भारत इंद्र चहल को ही विभिन्न केसो में फंसाकर खाना पूर्ति की और अपने 10 साल की सरकार को कार्रवाई के नाम पर निकाल दिया।

2016 में कैप्टन अमरिंदर ने अकाली दल भाजपा पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाकर सत्ता में आने पर जांच करवा दोषियों पर कार्रवाई की बात की। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात है की 2017  में कैप्टन अमरिंदर सरकार बनने के बाद अपने महलो में व्यस्त  हो गए व उनके मंत्री उनकी सहमति से अपनी मनमानियां करने लगे व चहेतो को खुश करने में लगे रहे। कैप्टन की सरकार के दौरान अकाली दल, भाजपा नेताओ ने व विशेषकर आम आदमी पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर व उनके सहयोगियों पर रिश्वतखोरी में लिप्त होने के आरोप लगाए लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी फुट व खुद तथा बेटे के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की चल रही जांच से बचने के लिए कैप्टन ने भाजपा के गुणगान का रास्ता चुन लिया।

चरणजीत चन्नी बेशक महीने मुख्यमंत्री रहे पर उन पर भी चेहतो के जरिए निजी पूर्ति के आरोप लगे। आम जनता इन सब दलों कभी कांग्रेस कभी अकाली भाजपा की नीति व उनके कृत्यों से तंग आ चुकी थी और यह समझ चुकी थी की यह सब मिलकर जनता को लूटने में लगे है हर चुनाव में एक दूसरे के विरुद्ध जांच व एक्शन की बात करके जनता को गुमराह करते है। सत्ता में आने के बाद मिलजुल कर खेल खेलते है उसी आक्रोश को लेकर जनता ने इस बार विधानसभा चुनावो में एक नया परचम लहराते हुए  2022 मार्च में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाते हुए भगवंत मान को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपते हुए पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

भगवंत मान ने मुख्यमंत्री बनते ही भ्र्ष्टाचार के खिलाफ अपनी निति स्पष्ट करते हुए अपने विधायकों व मंत्रियों को भी चेतावनी दे दी थी साथ ही विपक्ष को भी यह सन्देश दिया की वो पहले की सरकारों की तरह नहीं काम करेंगे बल्कि कोई भी शिकायत मिलने पर एक्शन मोड़ में आएंगे। सरकार के 2 महीने के कार्यकाल में उन्होंने अपनी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को जेल में भेज दिया। तभी इशारा हो गया था अब अगला निशाना विपक्ष होगा पूर्व मंत्री होंगे कुछ दिन पहले कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे साधु सिंह धर्मसोत व उनके साथियो को सलाखों के पीछे भेज दिया। उसके बाद कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर दिए धरने से मान काफी खफा हुए की कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओ को बचाने का दबाव बनाती है।

अभी चर्चा चल रही है जैसे ही अगले सप्ताह गर्मी का तापमान बढ़ेगा वैसे ही एक अन्य पूर्व कांग्रेस मंत्री जिन्होंने अपने समय में पूरी तरह पॉवर का इस्तेमाल करते हुए विपक्षिओ ही नहीं अपनी पार्टी के नेताओ पर भी अपना दबाके जोर चलाया था उन पर एक्शन होने जा रहा है व उनके चेहते चैयरमेन व अन्य सहयोगी भी सरकार के राडार पर है। आने वाले दिनों में पंजाब की जेलों में नवजोत सिद्धू विक्रम मजीठिया विजय सिंगला साधु सिंह धर्मसोत के साथ नए पूर्व मंत्री कौन से मेहमान बनने जा रहे है। इसके साथ ही पूर्व की सरकार में सुख भोगने वाले व अब की सरकार में पहली बार विधायक बनने वाले भी सरकार के राडार पर है। विपक्षियों के साथ-साथ अपने विधायकों को भी सख्त सन्देश देने के मूड में है। अगले हफ्ते जनता एक नए एक्शन को देखेगी और उसे लेकर अभी से सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

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News Editor

Kamini

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