पंजाब सरकार का सख्त कदम, 4 सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं की समाप्त
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 05:10 PM (IST)
पंजाब डेस्क : पंजाब में आबकारी एवं कर विभाग के 4 अधिकारियों पर पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई नजर आई है। मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने आबकारी एवं कर विभाग के 4 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म करते हुए ''डीम्ड रिजाइन''के आदेश जारी किए हैं। ये सभी कर्मचारी एक वर्ष से अधिक समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे।
पंजाब सरकार के निर्देशों के बाद राज्य कर आयुक्त जतींदर जोरवाल ने संबंधित आदेश जारी किए। इनमें 3 आबकारी एवं कर निरीक्षक और एक क्लर्क शामिल हैं, जो बार-बार नोटिस और अवसर दिए जाने के बावजूद अपने-अपने कार्यालयों में रिपोर्ट नहीं कर रहे थे और ड्यूटी से गैर हाजिर थे। सरकार का कहना है कि, सरकारी सेवा में लापरवाही और अनुशासनहीनता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की सेवा के लिए नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी यदि लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके लिए प्रशासन में कोई स्थान नहीं हो सकता।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
विभागीय स्तर पर की गई विस्तृत जांच पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 1970 के तहत पूरी की गई। जांच में सामने आया कि एक निरीक्षक जालंधर-2 में तैनात होने के बावजूद मार्च 2023 से ड्यूटी पर नहीं लौटा, जबकि उसकी छुट्टी पहले ही खारिज की जा चुकी थी। इसी तरह एक अन्य निरीक्षक जून 2023 से लगातार गैरहाजिर पाया गया और निलंबन के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब दिया और न ही मुख्यालय में उपस्थित हुआ। रोपड़ रेंज के एक निरीक्षक की गैरहाजिरी मई 2021 से चली आ रही थी, जो स्वीकृत विदेश अवकाश के बाद ड्यूटी पर वापस नहीं आया। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देने के बावजूद जांच में लापरवाही सिद्ध हुई। वहीं जालंधर ऑडिट विंग में तैनात एक क्लर्क सितंबर 2023 से बिना अनुमति अनुपस्थित था, जिसकी विदेश छुट्टी की मांग भी स्वीकृत नहीं हुई थी। दरअसल, एक साल से ड्यूटी से गैर हाजिर रनहे वाले का नौकरी से इस्तीफा दिया हुआ माना जाएगा।
सेवा लाभ भी समाप्त
वित्त विभाग के 13 मार्च 2025 के निर्देशों के अनुसार, बिना स्वीकृत छुट्टी के एक वर्ष से अधिक अनुपस्थित रहने पर कर्मचारी को ‘डीम्ड इस्तीफा’ माना जाता है। इसी प्रावधान के तहत चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि उन्हें किसी प्रकार की पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य सेवा लाभ नहीं दिए जाएंगे। सरकार ने दोहराया कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन के लिए अनुशासन सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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