निजी स्कूलों पर बड़ा एक्शन, जारी हो गए नए निर्देश, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 05:35 PM (IST)

लुधियाना (विक्की): जिले के निजी, गैर-सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों द्वारा सरकारी आदेशों की अनदेखी संबंधी लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसी हिमांशु जैन ने स्कूलों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय निरीक्षण कमेटी गठित की है, जो नियमित और गहन ऑडिट करेगी तथा सीधे डीसी को रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी की अध्यक्षता एडीसी (जनरल) करेंगे। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), सीएमएफओ और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ फाइनेंस एंड अकाउंट्स शामिल हैं।
 
डीसी ने बताया Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 के तहत 25% सीटें ईडब्ल्यूएस और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस या स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी तरह प्रतिबंधित है।

साथ ही Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 की धारा 16 व 31 के अनुसार दिव्यांग बच्चों को प्रवेश से वंचित करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
 
फीस में किसी भी प्रकार की बढ़ौतरी Punjab Regulation of Fee of Unaided Educational Institutions Act, 2016 के प्रावधानों के अनुसार ही की जा सकेगी। सभी स्कूलों को अपने खातों का वार्षिक ऑडिट करवा कर रिपोर्ट डीईओ कार्यालय में जमा करवानी होगी।

शिक्षकों की नियुक्ति व वेतन Central Board of Secondary Education और Punjab School Education Board के नियमों के अनुरूप होना अनिवार्य है। शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंजाबी भाषा की पढ़ाई अनिवार्य होगी। इसके अलावा बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी और स्वच्छ पेयजल के वैध प्रमाणपत्र रखना भी जरूरी होगा। स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। विद्यार्थियों के परिवहन के लिए सेफ वाहन पॉलिसी का सख्ती से पालन करना होगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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Content Editor

Subhash Kapoor

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