PAU में शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, State Level Protest में रखी कई मांगें
punjabkesari.in Monday, Jun 22, 2026 - 03:25 PM (IST)
लुधियाना: पंजाब फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइज़ेशन्स (PFUCTO) और पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (PAUTA) ने 22 जून, 2026 को लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के थापर हॉल में सफलतापूर्वक एक राज्य-स्तरीय विरोध प्रदर्शन/धरना आयोजित किया। इस विरोध प्रदर्शन में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सेवा व कल्याण से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर अपनी चिंताएं ज़ाहिर कीं।
प्रदर्शनकारियों ने ज़ोरदार मांग की कि 60% महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए, 1 जनवरी, 2016 से लागू 7वें वेतन आयोग के तहत बकाया राशि जारी की जाए और मूल वेतन (बेसिक पे) से जुड़ी कमियों को दूर किया जाए। इन कमियों में प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन 15,600 रुपये के बजाय 57,700 रुपये तय करना, 15 जनवरी, 2015 के पत्र को रद्द करना और पूरे वेतन लाभों को बहाल करना शामिल था। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत मिलने वाले लाभों को 1 जनवरी, 2004 से पहले लागू व्यवस्था के अनुसार बहाल और लागू करने की अपनी मांग भी दोहराई। अन्य प्रमुख मांगों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत नियोक्ता (एम्प्लॉयर) के योगदान को 10% से बढ़ाकर 14% करना और PAU कर्मचारियों के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) सुविधाओं को लागू करना शामिल था।

इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब के विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। पंजाब फेडरेशन ऑफ़ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइज़ेशन्स (PFUCTO) के बैनर तले पंजाब एंड चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन (PCCTU) के सदस्यों और सरकारी कॉलेज के शिक्षकों ने भी धरने में हिस्सा लिया और PAUTA द्वारा उठाई गई मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरमीत सिंह किंगरा ने बताया कि सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज के शिक्षक कई वर्षों से वेतन, पेंशन और सेवा लाभों से जुड़ी लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइज़ेशन्स (AIFUCTO) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विनय सोफ़त ने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह उच्च शिक्षा क्षेत्र और उसके कर्मचारियों के व्यापक हित में इन चिंताओं को दूर करने के लिए तत्काल और सकारात्मक कदम उठाए। अन्य वक्ताओं में डॉ. प्रतीक सिंह धालीवाल (GADVASUTA) और PAU पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. गिल शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी जायज़ मांगें पूरी होने तक अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने राज्य भर के शिक्षक संगठनों से मिले समर्थन की सराहना की और शिक्षक समुदाय के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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