Private Schools पर दबाव बना रही सरकार, RASA ने दी चेतावनी
punjabkesari.in Friday, May 15, 2026 - 06:18 PM (IST)
पंजाब डैस्क : आज होटल क्वींसलैंड में RASA पंजाब के सदस्यों की एक अहम मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और पंजाब सरकार की प्राइवेट स्कूलों को लेकर गलत पॉलिसी के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। यह मीटिंग RASA पंजाब के प्रेसिडेंट जगतपाल महाजन और जनरल सेक्रेटरी सुजीत कुमार शर्मा की लीडरशिप में हुई।
मीटिंग के दौरान राज्य भर के प्राइवेट स्कूलों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड अपनी गैर-ज़रूरी और गैर-संवैधानिक पॉलिसी के ज़रिए प्राइवेट स्कूलों पर बेवजह दबाव डाल रहा है और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। मीटिंग में यह भी बताया गया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड स्टूडेंट्स और पेरेंट्स पर बर्थ सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी देने का दबाव बना रहा है। सभी पेरेंट्स के लिए यह दस्तावेज प्राप्त करना संभव नहीं है, जिससे स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन द्वारा भी अध्यापकों को कई तरह से परेशान किया जा रहा है। राज्य के टीचर्स को 50 घंटों की ट्रेनिंग के लिए मोहाली बुलाया जा रहा है, जबकि यह ट्रेनिंग ऑनलाइन या डिस्ट्रिक्ट लेवल पर भी हो सकती है। सभी टीचर्स के लिए मोहाली पहुंचना संभव नहीं है। इसके अलावा अध्यापकों से पर्सनल जानकारी जैसे कि मोबाइल नंबर मांगे जा रहे हैं, जिससे खासकर सभी महिला अध्यापक असहज महसूस कर रही हैं।
मीटिंग में यह बात भी उठी कि बोर्ड द्वारा स्कूल प्रिंसिपलों से सेक्शन 223, 318, 336, 339 और 340 के तहत घोषणा पत्र मांगे जा रहे हैं, जो गैर-संवैधानिक और बेबुनियाद मांगें हैं। RASA मेंबर्स ने कहा कि स्कूल प्रिंसिपल शिक्षण संस्थाओं के प्रमुख होते हैं, न कि कोई क्रिमिनल, इसलिए ऐसी धाराओं के तहत डिक्लेरेशन लेना सही नहीं है। RASA मेंबर्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, बोर्ड प्राइवेट स्कूलों के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं दे सकता, लेकिन इसके बावजूद पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड लगातार स्कूलों के अंदरूनी मामलों जैसे टाइम टेबल, एडमिशन और विड्रॉल रजिस्टर के डिजिटलाइजेशन में दखल दे रहा है। मीटिंग के अंत में RASA पंजाब ने चेतावनी दी कि अगर सरकार और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपनी पॉलिसी में सुधार नहीं किया तो आने वाले समय में राज्य लेवल पर संघर्ष और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान सुशील अग्रवाल, कमलजोत, गौरव अरोड़ा, पुनीत गुप्ता, सुजीत कुमार शर्मा, सुखविंदर सिंह भल्ला, समीर भाटिया, शुभम पिपलानी, अजय कंवर, कुणाल, सुमित पुरी, जितेंद्र विर्क, बचितर सिंह, रोहित कुमार, यादविंदर, जगजीत सिंह, महक महाजन, सुचेता मेहरा, कुलविंदर, रितु शर्मा, दिनेश कपूर, जतिंदरपाल सिंह, सोहन सिंह, अमरजीत, राजेश प्रभाकर, अरुण मसोत्रा, अभिषेक पुरी, सरदार हरसिमरन, रमा महाजन, संजीव गुलाटी, मोहित महाजन और हीना राणा विशेष रूप से उपस्थित थे।
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