लुधियाना में बेखौफ बदमाशों का आतंक, एलिवेटेड पुल पर बाइक सवार बदमाशों ने व्यक्ति से की लूट
punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 10:01 AM (IST)
लुधियाना (राज): अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे दिन-दहाड़े और व्यस्त रास्तों पर भी वारदातों को अंजाम देने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां फिरोजपुर रोड पर बने एलिवेटेड पुल के ऊपर दो अज्ञात नकाबपोश लुटेरों ने एक व्यक्ति को डरा-धमकाकर सरेआम लूट लिया। लुटेरे पीड़ित से सोने की चैन-लॉकेट और हजारों की नकदी छीनकर बड़ी आसानी से फरार हो गए, जिसने शहर की कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस को दिए बयानों में पीड़ित शिकायतकर्ता रोशन लाल ने बताया कि बीती 18 जून को वह मॉडल टाउन, लुधियाना में किसी डॉक्टर के पास दवाई लेने के लिए गया था। दवाई खरीदने के बाद वह अपनी चेतक स्कूटी पर सवार होकर वापस अपने घर 'साउथ सिटी' की तरफ लौट रहा था। वह ट्रैफिक से बचने के लिए फिरोजपुर रोड वाले एलिवेटेड पुल के ऊपर से जा रहा था। अभी उसकी स्कूटी पुल के ऊपर स्थित गुरुद्वारा नानकसर साहिब से थोड़ी ही पीछे पहुंची थी कि अचानक पीछे से आए एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसकी स्कूटी को ओवरटेक करके आगे अड़ा दिया। मोटरसाइकिल पर दो युवक सवार थे और दोनों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने चेहरों को कपड़ों से पूरी तरह ढक रखा था। रास्ता रुकते ही आरोपियों ने स्कूटी सवार को घेर लिया।
पीड़ित के मुताबिक, नकाबपोश बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकियां देते हुए बुरी तरह डरा-धमका दिया। खौफ का माहौल पैदा करके लुटेरों ने झपट्टा मारा और पीड़ित के गले में पहनी हुई सोने की कीमती चैन समेत लॉकेट और उसकी जेब में रखी 7000 रुपए की हार्ड कैश जबरदस्ती छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शातिर लुटेरे अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर पुल के रास्ते ही फरार हो गए। डरे-सहमे पीड़ित ने तुरंत इस लूटपाट की सूचना अपने परिवार और पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। पुलिस द्वारा एलिवेटेड पुल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स (चढ़ने और उतरने वाले रास्तों) पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि लुटेरों के मोटरसाइकिल नंबर और उनकी पहचान का सुराग लगाकर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

