पंजाब में नशे का नया चेहरा! अब तस्करों के निशाने पर स्कूल-कॉलेज के छात्र

punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 08:18 PM (IST)

बठिंडा (विजय वर्मा) : पंजाब में नशे का कारोबार अब तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। पहले जहां बेरोजगार युवाओं को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर तस्करी के धंधे में उतारा जाता था, वहीं अब स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी नशा तस्करों के नेटवर्क का आसान निशाना बन रहे हैं। बठिंडा में पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान सामने आए कई मामलों ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब पढ़ाई कर रहे युवाओं को अपनी सप्लाई चेन का हिस्सा बना रहे हैं। इतना ही नहीं, जांच एजेंसियों के अनुसार अब कुछ मामलों में युवतियों को भी इस नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है, क्योंकि उन पर अपेक्षाकृत कम संदेह होता है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान और विदेशों में बैठे बड़े तस्करों के तार पंजाब के स्थानीय नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। स्थानीय स्तर पर सक्रिय गुर्गे युवाओं को लग्जरी लाइफ, महंगे मोबाइल फोन, ब्रांडेड कपड़े, बाइक और तेज कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे काम दिए जाते हैं और बाद में वे हेरोइन व चिट्टे की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन जाते हैं।

उधारी में नशा देकर बनाया जाता है कारोबारी
नशा तस्करों ने युवाओं को फंसाने के लिए बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है। शुरुआत में छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया जाता। उन्हें उधार में हेरोइन या चिट्टा दिया जाता है और बिक्री के बाद रकम जमा करवाने को कहा जाता है। बिना निवेश के मोटे मुनाफे का लालच युवाओं को आकर्षित करता है। धीरे-धीरे वे खुद भी नशे के आदी हो जाते हैं और फिर इस अवैध नेटवर्क से बाहर निकलना उनके लिए लगभग असंभव हो जाता है। आसान कमाई का यह लालच उनका करियर, परिवार और भविष्य तीनों बर्बाद कर देता है।

कॉलेज और हॉस्टल बन रहे तस्करों का निशाना
जांच एजेंसियों के अनुसार कई मामलों में कॉलेज परिसर और हॉस्टलों में रहने वाले छात्र पहले अपने साथियों को नशे की लत लगाते हैं और बाद में उन्हें तस्करी के नेटवर्क से जोड़ देते हैं। इसी वजह से अब शैक्षणिक संस्थान भी पुलिस और प्रशासन की विशेष निगरानी में हैं।
 
18 वर्षीय छात्र 500 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार
पिछले वर्ष जुलाई में थाना कैनाल पुलिस ने 18 वर्षीय छात्र गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी को 500 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि बरामद हेरोइन पाकिस्तान से आई थी और फाजिल्का के एक तस्कर के जरिए बठिंडा पहुंची थी। कुछ महीने पहले ही बालिग हुआ युवक अब गंभीर आपराधिक मामले में फंस चुका है।

बीए प्रथम वर्ष का छात्र भी निकला सप्लायर
सितंबर 2024 में थाना थर्मल पुलिस ने 400 ग्राम चिट्टे के साथ पवन उर्फ सुखी और 19 वर्षीय गुरविंदर सिंह उर्फ साधु को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि पवन चिट्टा लाकर बीए प्रथम वर्ष के छात्र गुरविंदर को देता था, जो आगे इसकी सप्लाई करता था।

पढ़ाई के साथ चल रही थी तस्करी
करीब एक वर्ष पहले सीआईए स्टाफ ने 350 ग्राम हेरोइन के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इनमें जगदीप सिंह बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ नशा तस्करी में भी सक्रिय था।

बी.टेक पास युवक छात्रों तक पहुंचा रहा था चिट्टा

चंडीगढ़ पुलिस ने मानसा निवासी 28 वर्षीय पंकज कुमार को 754 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह कॉलेज छात्रों तक चिट्टे की सप्लाई करता था और उसके संपर्क पाकिस्तान में बैठे तस्करों से जुड़े हुए थे।

कॉलेज परिसर में ही हो रही थी सप्लाई
इसी वर्ष थाना सिविल लाइन पुलिस ने शहर के एक निजी कॉलेज के छात्र को कॉलेज परिसर के भीतर नशा सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद शैक्षणिक संस्थानों में भी सुरक्षा और निगरानी को लेकर चिंता बढ़ गई।

पुलिस केवल तस्करों नहीं, पूरी सप्लाई चेन पर कर रही काम
एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस केवल नशे की खेप बरामद करने तक सीमित नहीं है। हर मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड दोनों लिंक खंगाले जा रहे हैं। सप्लायरों के साथ-साथ उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन तक नशा पहुंचाया जाना था। उन्होंने बताया कि पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। युवाओं को यह समझाया जा रहा है कि कुछ समय की चमक-दमक और आसान कमाई का लालच उनकी पूरी जिंदगी तबाह कर सकता है।


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Content Editor

Subhash Kapoor

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