लुधियाना में रूह कंपा देने वाला हादसा, स्कूल वैन ने कुचला ढाई वर्षीय बच्चा... मंजर देख सन्न रहे लोग
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 12:42 PM (IST)
लुधियाना (गणेश/सचिन): लुधियाना में एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत होने की घटना सामने आई है। जिले के कोहड़ा क्षेत्र के अंतर्गत पिंड शालू (बेनी) में बुधवार सुबह करीब 7 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में करीब ढाई वर्षीय मासूम की मौत हो गई। बताया जा रहा कि, जब समरदीप अपनी मां के साथ अपनी बड़ी बहन को BITS स्कूल की वैन में बैठाने के लिए घर के बाहर आया था। कुछ ही क्षणों में खुशियों से भरा परिवार मातम में बदल गया। तेज रफ्तार स्कूल वैन की चपेट में आने से मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। परिवार के सामने ही मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद भी वैन चालक ने वाहन नहीं रोका और मौके से भागने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने पीछा कर चालक को कुछ दूरी पर रोक लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है।
बहन को स्कूल वैन में छोड़ने आया था समरदीप
जानकारी के अनुसार, समरदीप अपनी मां के साथ अपनी बहन को स्कूल वैन में बैठाने आया था। रोज की तरह परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में था। इसी दौरान स्कूल की वैन वहां पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैन ने आगे बढ़ते समय मासूम समरदीप को अपनी चपेट में ले लिया। पहले वैन का अगला टायर बच्चे के ऊपर से गुजरा और इसके बाद पीछे वाला टायर भी उसे कुचलता हुआ निकल गया। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद लोगों की चीखें निकल गईं।
ग्रामीणों ने पीछा कर रोका वाहन चालक
ग्रामीणों का आरोप है कि चालक ने दुर्घटना के बाद भी वाहन नहीं रोका। लोगों ने जोर-जोर से आवाज लगाई, लेकिन चालक वैन लेकर आगे निकल गया। आसपास के ग्रामीण और राहगीर अपने वाहनों से उसके पीछे दौड़े। कुछ दूरी पर नजदीकी गांव के पास लोगों ने स्कूल वैन को रोक लिया। इस दौरान वाहन चालक ने कहा कि उसकी कोई गलती नहीं है। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बाद में चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बिना लाइसेंस वाहन चलाने का आरोप
इस दौरान ग्रामीणों ने दावा किया कि स्कूल वैन चालक करीब 19 वर्ष का है और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस चालक के दस्तावेजों, वाहन के कागजात और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो ये बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही माना जाता है। मासूम समरदीप की मौत की खबर फैलते ही पिंड शालू, बेनी और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जिसने भी इस दर्दनाक घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चालक सावधानी से वाहन चलाता या हादसे के तुरंत बाद वाहन रोककर मदद करता तो शायद हालात अलग हो सकते थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच होनी चाहिए कि स्कूल वैन चला रहे चालक की नियुक्ति किस आधार पर की गई, उसके पास आवश्यक दस्तावेज थे या नहीं और क्या स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया था।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल वैन चालकों की लापरवाही पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी तेज रफ्तार, अनुभवहीन चालकों, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए, लेकिन कई बार नियमों की अनदेखी की जाती है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि स्कूल वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए। चालकों का पुलिस सत्यापन, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अनुभव, मेडिकल फिटनेस और नियमित प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अहम
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को लेकर चलने वाले प्रत्येक स्कूल वाहन की जिम्मेदारी केवल चालक की नहीं बल्कि स्कूल प्रबंधन की भी होती है। यह सुनिश्चित करना संस्थान का दायित्व है कि वाहन पूरी तरह फिट हो, चालक प्रशिक्षित और लाइसेंसधारी हो तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला या किसी अन्य प्रकार की लापरवाही सामने आई तो उसके अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई सवाल छोड़ गया यह हादसा
बुधवार सुबह हुई इस दर्दनाक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्कूल वाहनों की नियमित जांच की जा रही है? क्या सभी चालकों के दस्तावेजों का सत्यापन होता है? क्या रिहायशी इलाकों में स्कूल वाहन निर्धारित गति सीमा का पालन करते हैं? क्या बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनाए गए नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि मासूम समरदीप की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की मांग है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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