मुख्यमंत्री से ऊपर हुआ शिक्षा विभाग, बंद के आदेशों के बावजूद स्कूलों में बुलाया स्टाफ

punjabkesari.in Saturday, Mar 20, 2021 - 11:45 AM (IST)

लुधियाना(विक्की): राज्य भर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा 31 मार्च तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के साथ-साथ स्कूलों में चल रही बोर्ड पर घरेलू परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं लेकिन इन आदेशों के विपरीत आज पंजाब भर के सभी स्कूल आम दिनों की तरह खुले और सारा स्टाफ भी स्कूलों में उपस्थित रहा। हालांकि स्टूडेंट्स स्कूल नहीं आए। वहीं मुख्यमंत्री के आदेशों के विपरीत स्कूल खोले जाने को लेकर स्कूल प्रमुख सेक्रेट्री एजुकेशन के आदेशों का हवाला दे रहे हैं। हालांकि विभाग द्वारा स्कूल स्टाफ के स्कूलों में उपस्थित होने के संबंध में आज सुबह 11 बजे तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते कहीं ना कहीं विभाग और स्कूलों में आपसी तालमेल की कमी साफ झलक रही है।

वहीं जहां आज सभी सरकारी स्कूल आम दिनों की तरह खुले रहे तो कई निजी सीबीएसई स्कूलों में बोर्ड क्लासेस की प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी आयोजित की गई। याद रहे कि पिछले कुछ दिनों के दौरान अकेले लुधियाना में 100 से अधिक अध्यापक कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं वहीं एक अध्यापिका की कोरोना से मौत भी हो चुकी है। आज स्कूल खोलने के बाद किसी भी अधिकारी द्वारा इसकी जांच नहीं की गई ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा जारी आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं।

सेक्रेट्री एजुकेशन का मैसेज हुआ वायरल
शिक्षा सचिव सेक्रेट्री एजुकेशन कृष्ण कुमार के नाम से एक मैसेज आज अध्यापकों के व्हाट्सएप ग्रुप में जमकर वायरल हुआ जिसमें कहा गया है कि स्कूलों के स्टाफ को यह छुट्टियां नहीं की गई, जिस को आधार बनाकर स्कूल प्रमुखों द्वारा स्कूल स्टाफ को स्कूल बुलाया गया है। हालांकि इस मैसेज पर सेक्रेट्री एजुकेशन कृष्ण कुमार का नाम दिखाई दे रहा है लेकिन इस संबंध में पुष्टि नहीं हुई है कि यह उनका ही नंबर है।

पंजाब सरकार से बढ़कर हुए स्कूल प्रमुख 
विभिन्न स्कूलों के अध्यापकों ने अपना नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनके स्कूल प्रमुख द्वारा मुख्यमंत्री के आदेश जारी होते ही उन्हें आज स्कूल में उपस्थित होने के लिए कह दिया गया था। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रमुखों का कहना है कि इन आदेशों में कहीं भी नहीं लिखा गया कि स्कूल स्टाफ ने स्कूल में हाजिर नहीं होना है। अध्यापकों का कहना है कि विद्यार्थियों को तो पहले ही शिक्षा विभाग द्वारा प्रेप्रेटी लीव्स घोषित की गई है। तो अगर स्कूल स्टाफ ने स्कूल आना है तो स्कूल बंद करने के आदेश बेमायने हैं। जबकि पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है की कोरोना का फैलाव स्कूलों से हुआ है।


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Vatika

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