पुलिस की रेड दिखावा, खुद ही खेला खेल, CCTV में कैद हुआ नीले ड्रम का सच!

punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 10:52 AM (IST)

जालंधर: शाहकोट इलाके में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई एक पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। सामने आए CCTV फुटेज में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर पुलिस एक निजी वाहन की डिक्की से नीला ड्रम निकालती हुई दिखाई दे रही है, जिसे बाद में शराब बरामदगी के रूप में पेश किया गया। जानकारी के मुताबिक, शाहकोट थाना पुलिस ने 9 अप्रैल को FIR नंबर 90 दर्ज की थी। पुलिस रिकॉर्ड में दावा किया गया कि गांव दौलतपुर ढड्डा निवासी अकरम के घर से 35 लीटर लाहन (देसी शराब) बरामद की गई। पुलिस व एक्साइज विभाग का कहना था कि यह लाहन घर के तूड़ी रखने वाले कमरे में एक नीले ड्रम में मिली थी।

हालांकि, CCTV फुटेज में जो दृश्य कैद हुए हैं, वे पुलिस के दावे से मेल नहीं खाते। वीडियो में पहले गांव की गली में एक सफेद रंग की XUV आती है, जिसमें से तीन लोग उतरते हैं। कुछ देर बाद पुलिस पार्टी वहां पहुंचती है और काले गेट वाले एक मकान में दाखिल हो जाती है। इसके बाद गाड़ी की डिक्की खोली जाती है और उसमें रखा नीला ड्रम बाहर निकाला जाता है। इस दौरान दो लोग ड्रम उठाते हुए दिखाई देते हैं। पूरी कार्रवाई के समय कुल सात पुलिसकर्मी कैमरे में नजर आते हैं—चार वर्दी में और तीन सिविल ड्रेस में।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने कथित लाहन की बरामदगी की वीडियोग्राफी भी करवाई और ड्रम को सील कर अपने साथ ले गई। सूत्रों के अनुसार, जिस वक्त रेड डाली गई, उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था। CCTV फुटेज में यह भी स्पष्ट दिखता है कि न तो घर के अंदर से कोई बाहर आता है और न ही पुलिस द्वारा दरवाजा खटखटाया जाता है; पुलिस सीधे घर में प्रवेश करती है।

घटना के दो दिन बाद भी अकरम घर नहीं लौटा। जब परिवार से इस मामले को लेकर बातचीत की गई तो वे डरे हुए नजर आए और पुलिस कार्रवाई पर कुछ भी कहने से बचते रहे। गांव के लोगों का कहना है कि अकरम मजदूरी करता है और एक राजनीतिक कार्यकर्ता भी है। उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज बताए जा रहे हैं—एक मारपीट और दूसरा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा।

इस पूरे प्रकरण पर नवीन सिंगला (DIG) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की जानकारी नहीं है। यदि CCTV फुटेज उपलब्ध है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। जांच में अगर तथ्य सही पाए गए, तो संबंधित पुलिस टीम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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News Editor

Urmila

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