Special Story : कितनी खौफनाक है पंजाब में इस बार की बाढ़, 1988 से कहीं ज्यादा पानी आ चुका है पंजाब में
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 09:00 PM (IST)

पंजाब डैस्क : पिछले कई दिनों से पंजाब में बाढ़ का कहर जारी है तथा राज्य के कई सारे जिले पानी से जलमग्न हो गए हैं और लोगों का जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त है। तेज बारिश के कारण लगभग सभी बांध अपने खतरे के निशान पर चल रहे हैं, जिस कारण इन बांधों द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण पंजाब में बह रही लगभग सभी नदियां व नाले उफान पर हैं। बताया जा रहा है कि इस बार की बाढ़ ज्यादा भयानक है और इस कारण पंजाब में बहुत ज्यादा नुक्सान हुआ है। रणजीत सागर और पौंग डैम से छोडे़ जाने वाले पानी के कारण पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर बार्डर इलाकों के कई गांव प्रभावित हुए हैं। इस बार करीब 400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं तथा 2.90 लाख एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है।
इससे पहले 1988 में जब पंजाब में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी, तब लगभग रावी नदी के माध्मय से पंजाब में 11.20 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, जबकि मौजूदा बाढ़ के दौरान रावी नदी के माध्यम से 14.11 लाख क्यूसिक पानी आ चुका है। अब तक के इतिहास में यह सबसे ज्यादा है, जिस कारण पंजाब के ज्यादा जिले बाढ़ से ग्रस्त हुए हैं। खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पानी के फ्लो को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा तथा राजस्थान की सरकारों को पत्र भी लिखे हैं। एऩ.डी.आर.एफ. की 17 टीमें राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं।
जानकारी के मुताबिक 1988 में जब बाढ़ आई थी तब करीब 1500 लोगों की मौत हो गई थी और कुछ पाकिस्तान बह गए थे, जिनमें से कुछ लोग तो अभी भी लापता हैं। इस दौरान 75 प्रतिशत फसल तबाह हो गई थी। उस समय बांध प्रबंधन को बारिश का पूर्वानुमान ही नहीं हो सका था, जिस कारण पंजाब में काफी तबाही हुई थी। 22 सितंबर से 26 सितंबर तक मूसलाधार बारिश हुई थी और यह अनुमान से 5 गुणा ज्यादा थी। उस समय की भाखड़ा व पौंग डैम की मैनेजमैंट द्वारा बांधों के गेट खोल दिए जाने के कारण पंजाब के कई सारे इलाके पानी में डूब गए थे और भारी तबाही हुई थी, करीब 4000 के करीब गांव प्रभावित हुए थे। इस दौरान पंजाब का 10 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया था। हालांकि इस बार की बाढ़ में सरकार की तरफ से हरसंभव प्रयास करके लोगों को बचाया जा रहा है। एन.डी.आर.एफ. तथा सेना की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही हैं। उधर, पौंग डैम की स्थिति देखी जाए तो डैम की क्षमता 1390 फुट है, जबकि मौजूदा समय में पानी का लेबल 1391.28 फुट है। पौंग डैम से करीब 2 लाख क्यूसिक पानी रिलीज किया गया है। उधर भाखड़ा डैम पर स्थिति नियंत्रण में है।