पंजाब केसरी के होटल को निशाना बनाने पर सुखमिंदरपाल ग्रेवाल ने उठाए सवाल, कहा- खतरे में लोकतंत्र

punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 10:36 AM (IST)

लुधियाना : हिंद समाचार समूह के अंतर्गत आने वाले समाचार पत्र “पंजाब केसरी” और “जगबाणी” को जानबूझकर निशाना बनाया गया है। राष्ट्रीय भाजपा नेता, अधिवक्ता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने जालंधर में विपक्षी नेताओं की अवैध हिरासत को लेकर पंजाब सरकार की चौंकाने वाली और शर्मनाक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

ग्रेवाल ने कहा कि तथाकथित “अनाड़ी आदमी पार्टी” ने एक बार फिर पंजाब की जनता के सामने अपना तानाशाही और अलोकतांत्रिक चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब को एक ऐसे पुलिस नियंत्रित राज्य में बदल दिया है जहां शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को भी बलपूर्वक कुचला जा रहा है।

ग्रेवाल ने कहा कि लगभग 40 विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को, जिनमें वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया, नवल कंबोज, सुशील कुमार रिंकू, शीतल अंगुराल, दर्शन भगत सहित कई अन्य शामिल हैं, पंजाब पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में ले लिया गया जबकि वे जालंधर में पंजाब केसरी समूह के होटल पार्क प्लाजा पर नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंद समाचार समूह के अंतर्गत आने वाले समाचार पत्र “पंजाब केसरी” और “जगबाणी” को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेता जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए एकत्र हुए थे, उन्हें जबरन हिरासत में लेकर पुलिस थाना सदर जमशेर में कई घंटों तक रखा गया। ग्रेवाल ने कहा कि लगभग 40 नेताओं को थाने के अंदर हिरासत में रखा गया जबकि 100 से 150 समर्थक बाहर विरोध प्रदर्शन करते रहे, जिससे पुलिस की धक्केशाही के कारण तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया।

ग्रेवाल ने कहा कि यह घटना साफ तौर पर साबित करती है कि भगवंत मान सरकार लोकतांत्रिक विरोध और विपक्ष की आवाज से डरती है। पंजाब में बढ़ते अपराध, नशे, गैंगस्टर संस्कृति और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए सरकार पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को दबाने में लगी हुई है। 

ग्रेवाल ने कहा कि हिंद समाचार समूह के अंतर्गत आने वाले समाचार पत्र “पंजाब केसरी” और “जगबाणी” को निशाना बनाना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है, जो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मान–केजरीवाल शासन स्वतंत्र पत्रकारिता को बर्दाश्त नहीं कर सकता और चाहता है कि अखबारों में वही खबरें प्रकाशित हों जो सरकार की प्रचार नीति के अनुकूल हों। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि पंजाब सरकार मीडिया संस्थानों को डराने और सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है, ताकि राज्य में बढ़ते गैंगस्टरवाद, नशे के कारोबार और लगातार बढ़ रही हत्याओं की वास्तविकता लोगों के सामने न आ सके।

ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है और राज्य को धीरे-धीरे एक खतरनाक पुलिस स्टेट की ओर धकेला जा रहा है, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है और विपक्ष की आवाज़ को धमकियों और दमन के माध्यम से दबाया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि अनाड़ी आदमी पार्टी की सरकार को तुरंत अपनी तानाशाही प्रवृत्ति बंद करनी चाहिए और पुलिस शक्ति के इस शर्मनाक दुरुपयोग के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय जनता पार्टी सहित सभी लोकतांत्रिक ताकतें ऐसे तानाशाही कदमों के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज़ उठाती रहेंगी और लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता तथा जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेंगी।

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News Editor

Kalash

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