Breaking : CP दफ्तर के बाहर फिर गरमाया माहौल, निहंग सिंह और हिंदू नेता आमने-सामने
punjabkesari.in Tuesday, Jun 23, 2026 - 05:39 PM (IST)
लुधियाना (राज) : शिवसेना पर हुए हमले और सोशल मीडिया पर शुरू हुई वीडियो वॉर के बाद आज पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब निहंग सिंह और शिवसेना नेता आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी और एक-दूसरे को देख ललकारने का दौर शुरू हो गया। स्थिति को सांप्रदायिक रंग लेता और बिगड़ता देख वहां तैनात भारी पुलिस बल ने तुरंत एक्शन लिया और दोनों गुटों के बीच दीवार बनकर उन्हें अलग किया। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों पक्षों को शांत करवाकर वहां से खदेड़ा और लुधियाना को एक बड़े बवाल से बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को भारत नगर चौक स्थित फ्रेंड्स रेजीडेंसी के बाहर शिवसेना नेता की गाड़ी का शीशा तोड़ने के विरोध में मंगलवार को शिवसैनिकों ने चौड़ा बाजार से सीपी दफ्तर तक रोष मार्च निकाला था। शुरुआत में पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें गेट पर रोका, लेकिन बाद में चुनिंदा नेताओं की मुलाकात डीसीपी हरपाल सिंह से करवाई गई। जैसे ही शिवसेना नेता अफसरों से मीटिंग खत्म कर सीपी दफ्तर के मुख्य गेट से बाहर निकले, तो वहां पहले से ही कुछ निहंग सिंह खड़े थे। दोनों पक्षों की नजरें जैसे ही एक-दूसरे पर पड़ीं, माहौल गरमा गया। दोनों तरफ से तीखी शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए ललकारे मारे जाने लगे और बात सरेआम गाली-गलौज तक पहुंच गई। तैनात पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत दोनों पक्षों को फिजिकल दूरी पर किया और हिंदू नेताओं को सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से रवाना किया। हिंदू नेताओं ने आरोप लगाया कि आज फिर से उनके नेताओं पर सोची-समझी साजिश के तहत हमला करने की तैयारी की गई थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वॉर से भड़की चिंगारी
दरअसल, इस टकराव की पृष्ठभूमि सोमवार रात को ही तैयार हो गई थी, जब दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को खुलेआम चुनौतियां दी गईं। टंडन की कार पर हमला होने के बाद शिवसेना नेता भानू प्रताप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुला चैलेंज दिया था कि—हम ढाई बजे सीपी दफ्तर आ रहे हैं, तुममें दम है तो तुम भी वहां आ जाओ। इसके बाद कई अन्य हिंदू नेताओं ने भी इस ललकार को आगे बढ़ाया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तराखंड से निहंग कुलदीप सिंह खालसा ने देर रात पलटवार करते हुए वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा—लुधियाना में कुछ लोगों ने निहंगों के धार्मिक बाणे (पोशाक) को लेकर अपशब्द कहे हैं, जो गुरु गोबिंद सिंह जी की फौज का अपमान है। इन लोगों ने पंजाब का माहौल खराब किया है। हमारे आने से पहले पुलिस इन पर पर्चा दर्ज करे, हम कानून हाथ में नहीं लेना चाहते। इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर टिप्पणीयां की। जिसके बाद आज सी.पी. ऑफिस के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
गाड़ी का शीशा तोड़ने वाले पर पुलिस ने किया केस दर्ज
एस.आई. पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि सोमवार को सीपी दफ्तर के बाहर 20-25 लोग धरना दे रहे थे। धरना खत्म होने के बाद जब राजीव टंडन अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर भारत नगर चौक के पास पहुंचे, तो आरोपी तरनजोत ने रास्ता रोक लिया और गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। इसी दौरान दूसरे आरोपी दानिश कपूर ने शोर मचाकर अपने दो और साथियों को मौके पर बुला लिया और पुलिसकर्मियों को धमकियां देते हुए फरार हो गए। इस मामले में एसआई पुरुषोत्तम लाल की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 8 में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें आरोपी दानिश कपूर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी तरनजोत और दो अन्य की तलाश जारी है।
मामला पूरी तरह शांत, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील : एसीपी
ए.सी.पी. (सिविल लाइन) सर्बजीत सिंह चीमा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि आज सीपी दफ्तर के बाहर पैदा हुआ तनाव महज एक गलतफहमी और आमने-सामने आने के कारण हुआ था। उन्होंने कहा, शिवसेना नेताओं की डीसीपी के साथ शांतिपूर्ण बैठक हुई थी। जब वे बाहर जा रहे थे, तो दूसरी तरफ से आ रहे निहंग सिंह पास ही स्थित एक ढाबे की तरफ जाने लगे। दोनों पक्षों को लगा कि वे एक-दूसरे पर आ रहे हैं, जिससे बहस हुई। एसीपी चीमा ने कहा कि पुलिस ने मौके पर ही दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला पूरी तरह शांत करवाकर निपटा दिया है। शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अमन-शांति भंग करने वाले किसी भी शरारती तत्व, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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