Ludhiana Encounter में मारे गए दोनों शूटरों का पोस्टमार्टम, 11 गोलियां लगने का खुलासा

punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 09:12 AM (IST)

लुधियाना, (राज) : आत्म पार्क के निकट एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और कमिश्नरेट पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए दोनों शूटरों का मंगलवार को सिविल अस्पताल में 3 डॉक्टरों के विशेष मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शूटर करनजोत सिंह उर्फ नोना को 9 गोलियां लगी थीं, जिनमें से 7 गोलियां उसके पेट और शरीर के अन्य हिस्सों को चीरती हुई आर-पार निकल गईं। वहीं, दूसरे शूटर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के पेट में 2 गोलियां लगीं। गोलियों से दोनों के अहम अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिस कारण अत्यधिक खून बहने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। डॉक्टरों की टीम ने शवों में फंसी गोलियों को निकालकर बैलिस्टिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है।

फॉरेंसिक डॉक्टर समेत 3 सदस्यीय बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
लुधियाना सिविल अस्पताल में नियमित फॉरेंसिक एक्सपर्ट की कमी के चलते प्रशासन ने एक निजी अस्पताल के फॉरेंसिक विशेषज्ञ को विशेष तौर पर बोर्ड में शामिल किया। बोर्ड में सिविल अस्पताल के डॉ. विशालदीप चोपड़ा, डॉ. मनदीप कौर और फॉरेंसिक एक्सपर्ट शामिल रहे। वीडियोग्राफी और कड़ी निगरानी के बीच दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शाम 6.30 बजे जाकर संपन्न हुई। डॉक्टरों की टीम विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे आगे की कानूनी व फॉरेंसिक जांच के लिए लुधियाना पुलिस को सौंपा जाएगा।

अस्पताल छावनी में तब्दील, परिजनों ने मीडिया से बनाई दूरी
पोस्टमार्टम के दौरान सिविल अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे। अमृतसर के सुल्तानविंड निवासी करनजोत सिंह उर्फ नोना और जालंधर के गांव ढीना निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के परिजन भी मोर्चरी के बाहर मौजूद थे। जब मीडिया कर्मियों ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, तो परिजनों ने कोई भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया और चुप्पी साध ली। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई या एनकाउंटर को लेकर भी कोई सवाल नहीं उठाए। पोस्टमार्टम के बाद गुरप्रीत गोपी के पारिवारिक सदस्य शव को लेकर जालंधर रवाना हो गए, जबकि करनजोत के शव को भी कानूनी औपचारिकताओं के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।

ख्वाजके की याद में लगे कैंप पर फायरिंग करने भेजे गए थे शूटर
पुलिस जांच के अनुसार, मारे गए दोनों शूटरों को बंबिहा गैंग के प्रमुख विदेशी हैंडलर गैंगस्टर डोनी बल और दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने टास्क देकर भेजा था। दुगरी रोड स्थित एक रिसॉर्ट में गांव ख्वाजके के पूर्व सरपंच रवि ख्वाजके की याद में रखे गए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। बंबिहा गैंग इस बात से खफा था कि युवाओं के बीच दोबारा रवि ख्वाजके का नाम उभारा जा रहा है। पुलिस को पुख्ता अंदेशा था कि शूटर कैंप में मौजूद कुछ युवा नेताओं और आयोजकों पर सरेआम अंधाधुंध गोलियां बरसाने की फिराक में थे।

1 किमी पहले ही पुलिस ने घेरा, विदेशी जिगाना व ग्लॉक पिस्तौलें बरामद
रक्तदान शिविर स्थल से महज 1 किलोमीटर पहले ही एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शूटरों को घेर लिया था। क्रॉस-फायरिंग के दौरान दोनों शूटर ढेर हो गए। पुलिस ने मौके से तीन अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्तौलें बरामद की थीं, जिनमें तुर्की निर्मित जिगाना और ऑस्ट्रियन ग्लॉक जैसी घातक पिस्तौलें शामिल थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सीमा पार से सप्लाई किए गए ये आधुनिक हथियार लुधियाना में इन शूटरों तक किस लोकल नेटवर्क के जरिए पहुंचाए गए थे


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Vatika

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