शिक्षा विभाग में करोड़ों का वित्तीय घोटाला, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित 3 क्लर्क सस्पैंड

punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 04:01 PM (IST)

अमृतसर (दलजीत) : जिला अमृतसर के शिक्षा विभाग में सामने आए करोड़ों के वित्तीय घोटाले ने अब बड़ा रूप धारण कर लिया है। खजाना विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर तैयार की गई करीब 200 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।

इस मामले में ब्लॉक शिक्षा कार्यालय मजीठा-1, मजीठा-2 और अमृतसर-3 के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। विभाग से मिले आदेशों के तहत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित 3 क्लर्कों को तुरंत प्रभाव से सस्पैंड कर दिया गया है। साथ ही उनका हैडक्वार्टर मानसा तय कर दिया गया है ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।

जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमैंट्री) कंवलजीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पर्चा दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर को सिफारिश भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई को तेजी से अमल में लाया जा रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

200 पन्नों की रिपोर्ट में बड़े खुलासे

सूत्रों के अनुसार खजाना विभाग की रिपोर्ट में वित्तीय लेन-देन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं, नियमों का उल्लंघन और रिकॉर्ड में हेरफेर दर्ज की गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही शिक्षा विभाग द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

विभागीय जांच और तेज

डायरैक्टर (एलीमैंट्री) पंजाब द्वारा जारी पत्र के आधार पर पहले ही 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया जा चुका है जिसे जमीनी स्तर पर जांच करके विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश हैं। अब नई जानकारी सामने आने के बाद जांच की गति और तेज कर दी गई है।

भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : डी.ई.ओ.

डी.ई.ओ. कंवलजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की तफ्तीश पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

कर्मचारियों में दहशत का माहौल

इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है। कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है, जिसके कारण कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

आगे और भी बड़े खुलासों की संभावना

सूत्रों का कहना है कि यह मामला अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच पूरी होने पर कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। इस महाघोटाले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर अगली कार्रवाई पर टिकी है।

अधिकारी रहे अनजान, क्लर्क और शिक्षा अफसर खेलते रहे खेल

विभाग की चिट्ठी और खजाना विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच से साबित हो रहा है कि विभाग के उच्च अधिकारी अनजान बने रहे और इतने बड़े स्तर पर हो रहे घोटाले की उन्हें भनक तक नहीं लगी। अगर ऑडिट न होता तो यह घोटाला कभी भी पकड़ा नहीं जाना था। फिलहाल इस घोटाले के तार किस-किस से जुड़े हुए हैं, यह एक बड़ा सवाल है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस घोटाले में कई अन्य बड़े उच्चाधिकारी भी फंस सकते हैं।

पहले भी चर्चा में रह चुके हैं घोटाले में फंसे अफसर

उपरोक्त घोटाले में फंसे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। पूर्व में भी विभाग द्वारा उन पर कई प्रकार के आरोप लगाए गए थे जो बाद में भले ही उनके पक्ष में सुलझ गए लेकिन उस समय भी उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगे थे। विभाग द्वारा बार-बार एक ही अधिकारी पर ऐसे आरोप लगाना और बाद में उसी अधिकारी को अच्छी पोस्ट पर तैनात कर देना, खुद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

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News Editor

Urmila

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