‘आप’ नेता राणा व कांग्रेस विधायक खैहरा हुए आमने-सामने, लगाए गंभीर आरोप

punjabkesari.in Wednesday, May 18, 2022 - 10:59 AM (IST)

चंडीगढ़ (रमनजीत): भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा पर आम आदमी पार्टी के नेता राजिंद्र सिंह राणा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा का कहना है कि खैहरा न सिर्फ गलत तरीकों से पैसा इकट्ठा करते हैं, बल्कि उन्होंने खैहरा पर सरकारी जमीन को हड़पने का भी आरोप लगाया। 

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान आप नेता राजिंद्र सिंह राणा ने कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा चुनाव के समय दाखिल किए गए जायदाद व आमदनी के स्त्रोतों को यदि ध्यान से देखा जाए तो जिस तरह का शाही ठाठ-बाट वाला जीवन सुखपाल सिंह खैहरा जी रहे हैं, वैसा संभव नहीं है। राणा ने कहा कि महंगी गाडि़यों से लेकर महंगी घड़ियों तक के शौकीन सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल करते हुए पैसा बनाया जा रहा है जिसके लिए सुखपाल खैहरा न सिर्फ भावनात्मक मुद्दों को समय-समय पर छेड़ते रहते हैं ताकि विदेशों में बसे पंजाबियों से फंडिंग मिलती रहे, बल्कि सरकारी संपत्ति को हड़प कर भी अपनी धन-संपत्ति को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीबी खालड़ा व बलजिंद्र सिंह परवाना जैसे लोगों के नाम का इस्तेमाल करके खैहरा द्वारा मुद्दे इसलिए नहीं उठाए जाते कि उन्हें किसी अंजाम तक पहुंचाया जाए, बल्कि इसलिए उठाए जाते हैं ताकि वह सुर्खियों में रहकर विदेशों में रहने वाले पंजाबियों की नजरों में बने रहें। 

राणा ने आरोप लगाया कि सुखपाल खैहरा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बीबी खालड़ा के नाम का इस्तेमाल किया। बीबी खालड़ा को बिना फंड के चुनाव लड़ने के लिए छोड़ दिया और उनके नाम पर भारी रकम इकट्ठा कर ली जो सुखपाल खैहरा के एजैंटों द्वारा विदेशों में इकट्ठा की गई थी। राणा ने कहा कि यही कारण है कि देश की बड़ी जांच एजैंसी ई.डी. द्वारा भी सुखपाल खैहरा के खिलाफ केस किया गया है। राणा ने कहा कि खैहरा द्वारा इसी प्रकार 2022 चुनाव से पहले प्रो. दविंद्र पाल सिंह भुल्लर के नाम का इस्तेमाल किया गया, लेकिन चुनावों के बाद कोई जिक्र तक नहीं किया। ठीक ऐसा ही किसान आंदोलन के दौरान मारे गए नवरीत सिंह डिबडिबा के साथ भी किया था। उन्होंने कहा कि अब सुखपाल खैहरा हाल ही में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बरजिंद्र सिंह परवाना की गिरफ्तारी को मुद्दा बनाकर पेश कर रहे हैं और इसी के आधार पर फंडिंग हासिल करने के चक्कर में हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह सुखपाल सिंह खैहरा व उनकी टीम देश विभाजन के वक्त अपनी जमीनें छोड़ कर हिंदुस्तान-पाकिस्तान गए लोगों के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले लोगों को ढूंढ कर उनकी सरकारी जमीनें अपने नाम करवाने का काम है। राणा ने कहा कि इसका उदाहरण है कि जिला जालंधर के गांव कंडियाली के हदबस्त नंबर, 55 खसरा नंबर 104 के अधीन बनती जमीन-जायदाद है। राणा ने कहा कि ये प्रॉपर्टी केंद्र सरकार की है और 1965-66, 1970-71, 1975-76 के जमीनी रिकॉर्ड के अनुसार भाखड़ा-नंगल प्रोजैक्ट के लिए रखी गई थी। लेकिन ये लैंड रिकॉर्ड 2015-16 में सुखपाल सिंह खैहरा पुत्र सुखजिंद्र सिंह के नाम तबदील हो गई क्योंकि सुखपाल खैहरा की सियासी पहुंच थी। 
राणा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान व खेतीबाड़ी और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह से सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

2 बार हारने के बाद झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाने पर उतरा राणा : खैहरा 
अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठे, बेबुनियाद और 2 बार चुनाव हारने की चिढ़ करार देते हुए कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि रणजीत राणा को बेबुनियाद व झूठे आरोप लगाने की आदत पड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि 2017 व 2022 दोनों ही विधानसभा चुनावों में उसने हार का मुंह देखा है, जिस वजह से वह अपनी चिढ़ निकाल रहा है। खैहरा ने कहा कि उनके खिलाफ पैंडिंग क्रिमिनल केसों के बारे में उन्होंने चुनाव आयोग को दिए हल्फनामे में सारी डिटेल दे रखी है। खैहरा ने कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाने वाले राणा जोकि एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर है, को सरकारी अनाज चोरी करते हुए वीडियो में कैद किया गया था और मेरे (खैहरा के) द्वारा उसके भ्रष्टाचार की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक हैल्पलाइन पर की गई थी। उन्होंने कहा कि मीडिया को चाहिए कि वह आरोप लगाने वाले राणा से सबूत मांगे, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

पंजाब की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News

Recommended News