रंधावा Suicide Case: एडवोकेट हितेश सूरी ने अमित शाह को लिखा पत्र, आरोपियों को तिहाड़ जेल भेजने की मांग
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 06:25 PM (IST)
जालंधर : ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एडवोकेट हितेश सूरी ने डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाते हुए इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर, संगठित और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताया है। इस संबंध में युवा वकील हितेश सूरी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा CBI के डायरेक्टर को विस्तृत प्रतिनिधित्व भेजकर मामले की जांच तत्काल CBI को सौंपने और आरोपियों को तिहाड़ जेल भेजने की मांग की है।
एडवोकेट सूरी ने अपने प्रतिनिधित्व में कहा कि यह मामला एक साधारण आत्महत्या नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार, दबाव, धमकी और आपराधिक साजिश का गंभीर उदाहरण है, जिसके कारण एक ईमानदार सरकारी अधिकारी को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि अमृतसर पुलिस द्वारा दर्ज FIR में लालजीत सिंह भुल्लर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धाराएं तो लगाई गई हैं, लेकिन मामले की गंभीरता के अनुसार और भी कठोर धाराएं जोड़ी जानी चाहिए। प्रतिनिधित्व में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक द्वारा आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो एक महत्वपूर्ण साक्ष्य है, जिसमें उसने कथित रूप से मंत्री के दबाव और भय का जिक्र किया है।
एडवोकेट सूरी के अनुसार, यह वीडियो कानून की नजर में “डाइंग डिक्लेरेशन” के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है और पूरे मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सूरी ने अपने प्रतिनिधित्व में यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभ में पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में देरी और बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी में हुई ढिलाई से जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि आरोपी प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं, जिससे गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।
एडवोकेट हितेश सूरी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए इसे तत्काल CBI को सौंपा जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सख्त सजा मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि आरोपियों को राज्य से बाहर किसी उच्च सुरक्षा जेल, विशेष रूप से तिहाड़ जेल, में स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि मुख्य आरोपी पहले जेल मंत्री भी रह चुका हैं और स्थानीय स्तर पर प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मृत्यु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को उजागर करता है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई ही न्याय और जनविश्वास को बहाल कर सकती है।
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