परविंदर सिंह झोटा की ह/त्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल: अनुज खोसला
punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 02:49 PM (IST)
मानसा : पंजाब में नशों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले युवा परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोलियां मारकर की गई हत्या बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना है। यह घटना राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों में कानून के डर की कमी को उजागर करती है। यह बात भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अनुज खोसला ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दुख साझा करने के बाद कही।
अनुज खोसला ने परविंदर सिंह झोटा की माता जी और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करते हुए इस दुख की घड़ी में उन्हें हिम्मत रखने का आग्रह किया और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि एक जवान बेटे का इस तरह दुनिया से चले जाना परिवार के लिए कभी न पूरा होने वाला नुकसान है। इस दुखद घटना का परिवार के छोटे बच्चों के भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ा है। सरकार को परिवार की सहायता और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
अनुज खोसला ने कहा कि परविंदर सिंह छोटा केवल एक परिवार का बेटा नहीं था, बल्कि नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाली उस सोच का प्रतीक था, जिसकी आज पंजाब को सबसे अधिक जरूरत है। उसकी आवाज को गोलियों से खामोश करने की कोशिश की गई, लेकिन नशों के खिलाफ संघर्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पंजाब के युवाओं को नशों से बचाना और नशा तस्करी के खिलाफ लड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हर दिन सामने आ रही हत्या, लूटपाट और गैंगस्टरवाद की घटनाएं आम लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। यदि नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवियों और आम नागरिकों को ही अपनी जान की चिंता सताने लगे, तो यह राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
अनुज खोसला ने कहा कि पंजाब सरकार को केवल विज्ञापनों और दावों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस प्रशासन को इतना प्रभावी बनाने की जरूरत है कि अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून से बच निकलने की उम्मीद न रहे और आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशों से बचाने के लिए सरकार को मेडिकल नशों, सिंथेटिक नशों और नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। नशों की सप्लाई चेन तोड़ने, नशा तस्करों की जवाबदेही तय करने और युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ जैसी मुहिमों की सफलता विज्ञापनों या आंकड़ों से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जानी चाहिए कि नशों की सप्लाई कितनी रुकी है, कितने युवाओं को बचाया गया है और नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई है।
अनुज खोसला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा परविंदर सिंह छोटा के परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़े हैं। उन्होंने मांग की कि इस हत्या के मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच करके दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए और परिवार को इंसाफ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा द्वारा नशों के खिलाफ उठाई गई आवाज को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने, नशों के खात्मे और राज्य में अमन-कानून की बहाली के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। “परविंदर सिंह झोटा के लिए इंसाफ केवल एक परिवार की मांग नहीं, बल्कि पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा और नशा-मुक्त पंजाब के सपने से जुड़ा सवाल है। हम परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और नशों के खिलाफ इस संघर्ष को रुकने नहीं देंगे।”
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