स्कूलों के ''विद्यार्थियों'' की अटेंडेंस के ग्राफ पर विभाग की नजर

10/21/2020 2:46:55 PM

लुधियाना (विक्की): कोविड -19 महामारी के कारण बीते 7 महीनों के बाद पंजाब भर के सरकारी स्कूल 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए खोले गए परन्तु विद्यार्थियों की मौजुदगी बहुत कम रही। सोमवार को विभाग के अधिकारियों का कहना था कि पहला दिन होने के कारण विद्यार्थी कम आए हैं परन्तु आने वाले दिनों में संख्या बढ़ेगी। विभाग को उस समय निराशा का सामना करना पड़ा, जब बीते दिन स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों की संख्या में कोई ख़ास फर्क देखने को नहीं मिला। शहरी क्षेत्रों के कुछ स्कूलों में सोमवार से कुछ ज़्यादा विद्यार्थी स्कूल आए परन्तु ज़्यादातर स्कूलों में सोमवार जैसे ही हालात रहे।

एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि जितने माता-पिता ने उनको कंसैंट दी है, वह बच्चे अब स्कूल नहीं आ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के ज़्यादातर स्कूल साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में लगभग सोमवार जैसे हालात देखने को मिले। ज़्यादातर स्कूलों में विद्यार्थियों की मौजूदगी सोमवार से भी कम दर्ज की गई। 

अध्यापकों की मानें तो विद्यार्थियों के माता-पिता में अब कहीं न कहीं कोरोना का डर बना हुआ है, जिस कारण वह अपने बच्चों के लिए किसी भी तरह का ख़तरा मूल्य नहीं लेना चाहते। इसलिए वह अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। अध्यापकों की मानें तो जब तक स्कूल पूर्ण रूप में नहीं खुलते, तब तक विद्यार्थियों की संख्या में उतार-चढाव बना रहेगा। 


Tania pathak

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