नेशनल हाईवे पर नशे में धुत ट्रक चालक का कहर, कई वाहनों को मारी टक्कर

punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 04:17 PM (IST)

लुधियाना (गणेश/सचिन): नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक ट्रक चालक ने कथित तौर पर नशे की हालत में वाहन चलाते हुए समराला चौक फ्लाईओवर से लेकर शेरपुर तक करीब 300 मीटर के क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। इस दौरान ट्रक ने रास्ते में आने वाले कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। जानकारी के अनुसार ट्रक अचानक बेकाबू हो गया और सामने आने वाले वाहनों को टक्कर मारता हुआ आगे बढ़ता रहा। हादसे की चपेट में 3 मोटरसाइकिल सवार, एक टेंपो, एक ई-रिक्शा और टेस्ट ड्राइव के लिए लाई गई नई स्कॉर्पियो-एन भी आ गई। कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए जबकि कई लोग घायल हो गए।

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टेस्ट ड्राइव पर निकली नई स्कॉर्पियो-एन भी हुई क्षतिग्रस्त

हादसे के दौरान एक नई स्कॉर्पियो-एन, जिसे कथित तौर पर टेस्ट ड्राइव के लिए सड़क पर लाया गया था, भी ट्रक की चपेट में आ गई। वाहन को काफी नुकसान पहुंचा, हालांकि उसमें सवार लोग बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास मौजूद लोग सहम गए और कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कई लोग घायल, तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

हादसे के बाद स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत घायलों की मदद के लिए आगे आए। घायलों को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद किसी की मौत की सूचना सामने नहीं आई है।

ट्रक चालक की हालत देख लोग रह गए हैरान

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि ट्रक चालक नशे में धुत था और उसे इस बात का भी अंदाजा नहीं था कि वह कितने वाहनों को टक्कर मार चुका है। लोगों के अनुसार चालक वाहन पर नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था और लगातार आगे बढ़ते हुए सामने आने वाले वाहनों को रौंदता जा रहा था। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के बाद भी चालक सामान्य स्थिति में दिखाई नहीं दे रहा था। कई लोगों ने आरोप लगाया कि वह अपने होश में नहीं था और उसे यह तक समझ नहीं आ रहा था कि उसके कारण कितना बड़ा हादसा हो चुका है।

हाईवे के खंभे और संरचनाएं भी हुईं क्षतिग्रस्त

बेकाबू ट्रक ने केवल वाहनों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि हाईवे किनारे लगे कई खंभों और अन्य संरचनाओं को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। सड़क पर जगह-जगह टूटे हुए हिस्से, बिखरा हुआ सामान और वाहनों के मलबे देखे गए। करीब 300 मीटर तक फैले इस हादसे ने कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर दी। लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और कई वाहन चालक अपने वाहनों से उतरकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए।

गनीमत रही टल गया बड़ा हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ उस समय दिल्ली रोड से जालंधर हाईवे की ओर जाने वाले मार्ग पर कोई भारी या तेज रफ्तार वाहन ट्रक के सामने नहीं आया। यदि उसी समय कोई बस, ट्रक या अन्य भारी वाहन तेज गति से गुजर रहा होता तो हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सेकंड का अंतर कई लोगों की जान बचाने का कारण बन गया। लोगों के मुताबिक यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई।

3 दिशाओं का यातायात प्रभावित, लगा लंबा जाम

हादसे के बाद एनएच-44 पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। समराला चौक, शेरपुर और आसपास के कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते कई किलोमीटर तक जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। दिल्ली से जम्मू और कटरा को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए लगभग ठप हो गया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं टीमें

घटना की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक पुलिस, नेशनल हाईवे की टीम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया और उसके बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया।

पंजाब रोडवेज बस के भी चपेट में आने की चर्चा

मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया कि एक पंजाब रोडवेज बस भी इस हादसे की चपेट में आई हो सकती है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि बस में कितने यात्री सवार थे और किसी को चोट लगी या नहीं।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती तौर पर स्थानीय लोग चालक की लापरवाही और कथित नशे की हालत को हादसे की बड़ी वजह मान रहे हैं। शनिवार को एनएच-44 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भारी वाहनों की निगरानी और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। गनीमत रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई लोग घायल हुए, कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और घंटों तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। यह हादसा लंबे समय तक लोगों के जहन में बना रहेगा।

2-3 घायलों की हालत गंभीर

हादसे में घायल हुए लोगों में से 2 से 3 व्यक्तियों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। सूत्रों के अनुसार गंभीर रूप से घायल लोगों को सिर, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को चिंताजनक बताया है। वहीं अन्य घायलों का भी अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस घायलों की पहचान तथा उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

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News Editor

Kamini

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