लुधियाना में बिजली कनेक्शन काटने के आदेश, होने जा रही सख्त कार्रवाई
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 12:55 PM (IST)
लुधियाना (राम): पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) द्वारा पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई के लिए कमर कस ली है। गौरतलब है पिछले एक महीने में शहर और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित करीब 200 इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट्स की गहन जांच की गई जिसमें लगभग 80 यूनिट्स पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करती पाई गईं। इनमें से 25 यूनिट्स के खिलाफ गंभीर लापरवाही सामने आने पर उनके बिजली कनैक्शन काटने के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि अन्य दोषी यूनिट्स पर भारी जुर्माना लगाकर अंतिम चेतावनी दी गई है। पी.पी.सी.बी. अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान यह पाया गया कि कई इलैक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट्स बिना उचित ट्रीटमैंट के दूषित पानी का निस्तारण कर रही थीं।
कुछ इकाइयों ने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमैंट प्लांट (सी.ई.टी.पी.) से जुड़े होने के बावजूद तय मानकों के अनुसार अपशिष्ट जल का शोधन नहीं किया। वहीं, कुछ स्थानों पर सीवरेज लाइन में बाईपास लगाकर बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी छोड़े जाने के मामले भी सामने आए। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पी.पी.सी.बी. ने इलैक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट्स की वैरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की।
इस दौरान न सिर्फ अवैध रूप से संचालित यूनिट्स की पहचान की गई बल्कि वैध यूनिट्स की कार्यप्रणाली की भी बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन इकाइयों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। बोर्ड का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाना है, ताकि भविष्य में जल स्रोतों और आम लोगों के स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
पी.पी.सी.बी. के चीफ इंजीनियर आर.के. रत्ता ने बताया कि स्वच्छ जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा। पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी यूनिट को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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