लुधियाना में किराना व्यापारी के घर भीषण आग, आसमान छूती लपटों से मची अफरा-तफरी
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 01:36 PM (IST)
लुधियाना (राज): गांधी नगर इलाके में सोमवार तड़के उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक मशहूर किराना व्यापारी डिंगरा परिवार के मकान की दूसरी मंजिल से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू हो गया, जिससे एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा होने से टल गया और परिवार के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।
मामले की भनक लगते ही इलाके के पार्षद नीरज आहूजा तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 4 बजे उन्हें इस भीषण अग्निकांड की सूचना मिली थी। हालात की गंभीरता और जान-माल के खतरे को भांपते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत फायर ब्रिगेड विभाग को फोन घुमाया। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि एक गाड़ी से काबू पाना नामुमकिन लग रहा था, जिसके चलते तुरंत बैकअप के लिए अतिरिक्त दमकल गाड़ी को भी मौके पर बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही फायर ऑफिसर पंकज की अगुवाई में दमकल विभाग की टीम महज 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। हालांकि, टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि इलाके की मुख्य गली में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसके कारण बड़ी दमकल गाड़ियों को अंदर ले जाने में काफी रुकावट आई। इसके बावजूद फायर कर्मियों ने सूझबूझ और जांबाजी दिखाते हुए तुरंत पाइप फैलाए और आग पर काबू पाने का काम शुरू कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित डिंगरा परिवार अपने घर से ही किराने का बड़ा कारोबार करता है।
घर की जिस दूसरी मंजिल पर आग का तांडव शुरू हुआ, उसे गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था और वहां भारी मात्रा में किराने का स्टॉक और अन्य कीमती सामान जमा था। सूखी और ज्वलनशील चीजें होने के कारण आग ने सबसे पहले इसी स्टॉक को अपनी चपेट में लिया, जिससे आग और भड़क गई और लाखों का सामान जलकर स्वाहा हो गया। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिसके बाद राहत की सांस ली गई और कूलिंग का काम शुरू किया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ होगा, लेकिन फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन असली कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। व्यापारी परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि करोड़ों के नुकसान के बावजूद किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।

