बहु करोड़ी हेरोइन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, पूर्व सरपंच की अवैध संपत्ति निशाने पर
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 07:42 PM (IST)
पायल (विनायक): पायल हलके के गांव राणो के पूर्व सरपंच और कथित बहु करोड़ के हेरोइन तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना गुरदीप सिंह राणो की अवैध संपत्ति पर सरकारी एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंगलवार को ग्लाडा अधिकारियों द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसकी आलीशान कोठी की पैमाइश की गई, जबकि इस पर जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
पुलिस के अनुसार गुरदीप सिंह राणो हेरोइन तस्करी मामले में पुलिस रिमांड पर था, जहां पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए थे। जांच में पता चला था कि राणो को तस्करी के लिए बड़ी मात्रा में पैसा हवाला के जरिए विदेशों से मिलता था। यह रकम कनाडा, अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैंड, ऑस्ट्रिया और ऑस्ट्रेलिया में बैठे कुछ तत्वों द्वारा लगातार भेजी जा रही थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार इसी हवाला रकम के आधार पर राणो देश के अंदर अपने नशा तस्करी नेटवर्क को चला रहा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और काउंटर इंटेलिजेंस अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि विदेशों में कौन-कौन से संगठन उसे मदद पहुंचा रहे थे और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
सूत्रों के अनुसार, राणो ने पंजाब के साथ-साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ और मोहाली समेत कई राज्यों में अपना विस्तृत नेटवर्क फैला रखा था। इस नेटवर्क के जरिए नशों की सप्लाई और वित्तीय लेन-देन किया जाता था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि उसके साथियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर बड़े स्तर पर संपत्ति बनाई गई है, जिसकी अब बारीकी से जांच की जा रही है। इसके अलावा जांच में राणो के पाकिस्तानी तस्करों के साथ संबंध होने की बात भी सामने आई है। बताया जाता है कि वह पाकिस्तानी तत्वों के जरिए हेरोइन और हथियारों की सप्लाई करवाता था और देश के अंदर ऊंची कीमतों पर बेचता था।
इसके साथ ही पंजाब पुलिस द्वारा जेलों में बंद अन्य बड़े तस्करों से भी पूछताछ करने की योजना तैयार की गई है। सूत्रों के अनुसार, जगदीश भोला समेत कुछ बड़े नामों को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जा सकता है ताकि इस नेटवर्क के बारे में और अहम जानकारी हासिल की जा सके।
दूसरी ओर, मंगलवार को ग्लाडा के जूनियर इंजीनियर अमनदीप सिंह की अगुवाई में टीम ने राणो की कोठी की विस्तृत पैमाइश की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस कोठी का नक्शा संबंधित प्राधिकरण से मंजूर नहीं करवाया गया था और निर्माण अवैध तरीके से किया गया है। इस पैमाइश के दौरान डीएसपी (हेडक्वार्टर) खन्ना प्रीतपाल सिंह संधू, डीएसपी पायल जसबिंदर सिंह खेहरा, एसएचओ पायल तरविंदर कुमार बेदी और एसएचओ मलौद चरणजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी।



