जालंधर में विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स के दफ्तर बाहर ठगे लोगों का हंगामा, चकमा देकर भागा मैनेजर
punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 10:54 AM (IST)
जालंधर : तथाकथित ट्रैवल एजैंट ईशव भारद्वाज के ग्रैंड माल की 5वीं मंजिल पर स्थित विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स दफ्तर के बाहर ठगे हुए लोगों ने हंगामा किया। मौके पर पुलिस भी पहुंची लेकिन कोई खास एक्शन नहीं हुआ। बाद में पता लगा कि 5वीं मंजिल वाला ऑफिस बंद करके कंपनी का नाम बदल कर ईशव भारद्वाज सारा सामान चौथी मंजिल पर ले गया है। चौथी मंजिल पर खोले गए दफ्तर में ईशव भारद्वाज का मैनेजर पंकज पीड़ित लड़कियों को मिला भी लेकिन वह उल्टा शिकायतकर्त्ताओं को ही थाने में देखने की धमकी देने के बाद फरार हो गया।
होशियारपुर से आई रीना ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स के स्टाफ साथ संपर्क किया था। उन्हें पहले गढ़ा रोड पर स्थित दफ्तर बुलाया गया था, जहां पर उन्हें भरोसा दिया था कि वह उसे एक मलेशिया भेज देंगे जिसके लिए उन्हें 1 लाख रुपए पहले देना होगा और फिर बाकी की रकम वीजा आने के बाद देनी पड़ेगी।
रीना ने कहा कि 18 मई को उसने ग्रैंड माल की 5वीं मंजिल पर स्थित विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स की दूसरी ब्रांच पर स्टाफ सदस्य नीतिका को एक लाख रुपए दिया। उन्हें भरोसा दिया कि उन्हें 14 जून तक वीजा थमा दिया जाएगा। 13 जून को उसने तैयारी भी कर ली थी लेकिन 13 जून को बार बार फोन करने पर नीतिका या फिर पंकज ने फोन नहीं उठाया।
रीना ने कहा कि उक्त लोगों ने अपने मालिक ईशव भारद्वाज का भी नंबर नहीं दिया। 19 जून को वह गढ़ा रोड़ पर स्थित इनके दफ्तर पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। ग्रैंड माल पहुंचे तो पता लगा कि वहां से भी दफ्तर बंद कर दिया गया है। बाद में उन्हें किसी ने बताया कि विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स वाले ग्रैंड माल की चौथी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं और तीसरी मंजिल पर भी उनका दफ्तर है। बुधवार को वह अपने परिजनों के साथ तीसरी मंजिल पर स्थित किसी और के नाम पर खुले दफ्तर पर पहुंचे तो वहां मैनेजर पंकज उसका चचेरा भाई मिला लेकिन स्टाफ पूरा बदला जा चुका था। हालांकि साफ सफाई करने वाली महिला वही थी। पूछने पर पंकज ने कहा कि यह उसके दोस्त का दफ्तर है।
रीना ने कहा कि उसने थाने में इनके खिलाफ शिकायत भी दी हुई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक की पंकज भी उन्हें थाने में देख लेने की धमकी देकर पुलिस के पहुंचने से पहले चकमा देकर फरार हो गया। पीड़िता ने कहा कि उसके साथ कुल 6 लोग हैं, जिन्होंने एक-एक लाख रुपए इन्हें मलेशिया जाने के लिए दे रखे हैं लेकिन किसी का भी वीजा नहीं आया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई।
हैरानी की बात है कि बिना लाईसैंस के शहर में चार-चार दफ्तर खोल कर बैठे विदेश यात्रा कंस्लटैंट्स के मालिक ईशव भारद्वाज को किसी पुलिस अधिकारी की शह है जिसके खिलाफ 60 से ज्यादा शिकायतें आने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। वह सरेआम बिना लाईसैंस से एजेंटी का धंधा कर रहा है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। बता दें कि इसी गौरखधंधे से करतारपुर के रहने वाले ईशव भारद्वाज जालंधर के माडल टाऊन में अढाई करोड़ की कोठी बना चुका है।
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