राघव गोयल गिरफ्तारी के बाद एक्शन मोड में पंजाब पुलिस, VIP सिक्योरिटी की होगी समीक्षा

punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 11:20 AM (IST)

पंजाब डेस्कः पंजाब में राजनीतिक रसूख दिखाने के लिए भारी पुलिस सुरक्षा लेने वाले तथाकथित “छोटे नेताओं” पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन लोगों को नियमों से हटकर सुरक्षा दी गई और उसके पीछे क्या कारण थे।

राघव गोयल को हाई सिक्योरिटी किस आधार पर?
उक्त मामला उस समय चर्चा में आया जब CBI ने भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा से जुड़े राघव गोयल को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से संबंधित 13 लाख रुपए के कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि राघव गोयल को पंजाब पुलिस की तरफ से AK-47 राइफलों से लैस 2 गनमैन दिए गए थे। इसके बाद सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों सवालों के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार अब सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर एक निजी व्यक्ति को इतनी हाई सिक्योरिटी किस आधार पर दी गई। बताया जा रहा है कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की सिफारिश के बाद गृह विभाग ने यह मामला पंजाब पुलिस को भेजा था, जिसके बाद सुरक्षा मुहैया कराई गई।

 सूची तैयार करने में जुटी CID और IB
इधर, पंजाब की खुफिया एजेंसियां CID और IB ऐसे नेताओं की सूची तैयार कर रही हैं, जो पार्टी में ज्यादा सक्रिय नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सुरक्षा दी गई है। मलोट निवासी राघव गोयल भी ऐसे ही लोगों में शामिल बताया जा रहा है। वह अक्सर केंद्रीय मंत्रियों और बड़े भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग बड़े नेताओं के करीब पहुंचकर पहले अपना प्रभाव बनाते हैं और फिर उसी रसूख का इस्तेमाल प्रशासनिक और पुलिस विभागों में पकड़ मजबूत करने के लिए करते हैं। अधिकारी के मुताबिक, “यह पूरा प्रभाव और दिखावे का खेल है। कई लोग सुरक्षा इसलिए हासिल कर लेते हैं ताकि लोगों में यह संदेश जाए कि उनकी ऊंची पहुंच है और वे किसी का भी काम करवा सकते हैं।”

विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल 
इस मामले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता परगट सिंह  ने कहा कि मुख्यमंत्री और डीजीपी को बताना चाहिए कि किसके आदेश पर ऐसी सुरक्षा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था का राजनीतिक फायदा उठाया जा रहा है। वहीं शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे लोगों को AK-47 से लैस पुलिस सुरक्षा कैसे दी जा सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


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Vatika

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