ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में इंटरनेट ठप, घंटों कतारों में खड़े रहने को मजबूर रहे सैकड़ों आवेदक

punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 11:52 AM (IST)

जालंधर (चोपड़ा): रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय (आर.टी.ओ.) के अधीन आने वाला ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर, नजदीक बस स्टैंड के नजदीक उस समय अव्यवस्था का शिकार हो गया, जब बीते दिन इंटरनेट सेवा ठप हो गई। करीब दो घंटे तक कामकाज पूरी तरह बंद रहा, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस, लर्निंग लाइसेंस, इंटरनेशनल लाइसेंस और डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाने आए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह 9 बजे से पहले ही लोग लाइसेंस बनाने को लेकर सेंटर पहुंचने लगे थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी खामी के चलते काम शुरू नहीं हो पाएगा। इंटरनेट बंद होने के कारण पूरा सिस्टम जाम हो गया और कर्मचारी भी बेबस नजर आए।

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जिसके चलते आवेदकों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। सेंटर में बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और खराब हो गई। तेज धूप के बीच कई लोग जमीन पर बैठने को मजबूर हुए, जबकि बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान दिखीं। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया और घर बैठे सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर एक साधारण इंटरनेट बाधा ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। करीब 11 बजे के बाद जब इंटरनेट सेवा बहाल हुई, तब जाकर कामकाज दोबारा शुरू हो पाया और लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन तब तक सैकड़ों लोग घंटों की परेशानी झेल चुके थे।

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राहुल शर्मा निवासी, मॉडल टाऊन ने कहा कि मैं सुबह 8.30 बजे सेंटर में पहुंच गया था, उम्मीद थी काम जल्दी हो जाएगा। लेकिन इंटरनेट बंद होने की वजह से 2 घंटे तक सिर्फ इंतजार ही करना पड़ा। सेंटर में न बैठने की जगह, न ही टोकन सिस्टम और न ही कोई जानकारी देने वाला, यह पूरी तरह अव्यवस्था है। सिमरनजीत कौर निवासी, गुरु नानक पुरा ने बताया कि महिलाओं के लिए सेंटर में कोई सुविधा नहीं है। हमें धूप में बैठना पड़ा, बहुत परेशानी हुई। अगर पहले ही बता दिया जाता कि सिस्टम बंद है, तो हम इतना समय बर्बाद न करते।

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हरप्रीत सिंह निवासी, बस्ती शेख ने कहा कि एक तरफ सरकार कहती है सब कुछ ऑनलाइन हो गया है, लेकिन यहां एक इंटरनेट बंद होने से पूरा काम रुक जाता है। यह डिजिटल सिस्टम नहीं, बल्कि मजाक बन गया है। संजीव कुमार निवासी, अर्बन एस्टेट ने कहा कि मैं छुट्टी लेकर आया था, लेकिन यहां आकर पता चला कि सिस्टम ही बंद है। ऐसे में आम आदमी का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

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News Editor

Kalash

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