नशा बेचने से रोका तो तस्करों का मंदिर पर ''तालिबानी हमला''; तलवारें-पिस्तौलें लहराईं, मूर्तियां की खंडित
punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 09:38 AM (IST)
लुधियाना, (राज): ईडब्ल्यूएस (EWS) कॉलोनी में नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों का दुस्साहस इस कदर बढ़ चुका है कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। इलाके को नशे की दलदल से बचाने की कोशिश कर रहे वाल्मीकि समाज और बुजुर्गों से रंजिश रखते हुए करीब 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने पवित्र वाल्मीकि मंदिर पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने सरेआम तलवारें और पिस्तौलें लहराते हुए मंदिर पर अंधाधुंध पथराव किया, खिड़कियों के शीशे तोड़े और भगवान की मूर्तियों को खंडित कर बेअदबी की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस दुस्साहस और धार्मिक बेअदबी से गुस्साए सैकड़ों महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने देर रात थाना सेक्टर-7 के बाहर सड़क जाम कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों पर सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी के ठोस आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ।
नशे के खिलाफ 'भगवंत मान' की मुहिम से जुड़े थे बुजुर्ग, तस्करों को लगी मिर्ची
थाने के बाहर रोष जता रहे प्रदर्शनकारियों और मोहल्ला सुधार समिति के प्रधान ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ है। हम भी अपने बच्चों और इलाके को बचाने के लिए इस मुहिम का हिस्सा बने थे। हमने सिर्फ इतना कहा था कि हमारी कॉलोनी में नशा मत बेचो, हमारे बच्चे बर्बाद हो रहे हैं।" लेकिन इस नेक सलाह से बौखलाए तस्करों ने इलाके का माहौल खराब करने के लिए एक खौफनाक साज़िश रच डाली।
4 दिन पुराना था विवाद, प्लानिंग के तहत मंदिर पर किया पथराव
जानकारी के मुताबिक, नशा बेचने से रोकने को लेकर दोनों पक्षों के बीच करीब 4 दिन पहले विवाद शुरू हुआ था। इसी रंजिश को मन में रखते हुए बीते दिन 10-12 अज्ञात व नामजद हमलावर तेजधार हथियारों, चाकुओं, तलवारों और पिस्तौल से लैस होकर कॉलोनी में दाखिल हुए। बदमाशों ने सीधे वाल्मीकि मंदिर को निशाना बनाया। हमलावरों ने मंदिर के मुख्य द्वारों पर तलवारें मारीं और चारों तरफ से पत्थरों की बारिश कर दी। इस भारी पथराव में मंदिर परिसर में लगी पानी की टंकी तक पूरी तरह से टूट गई।
मूर्तियों को किया खंडित, LIVE VIDEO में कैद हुई हमलावरों की दहशत
इस पूरी वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमलावर किस तरह बेखौफ होकर हवा में पिस्तौल तानकर लोगों को डरा रहे हैं और हाथों में नंगी तलवारें लेकर दौड़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बदमाश जबरन मंदिर के भीतर दाखिल हुए, तोड़फोड़ की, शीशे चकनाचूर कर दिए और वहां स्थापित मूर्तियों को खंडित कर दिया, जिससे समूचे हिंदू भाईचारे और वाल्मीकि समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।
बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा, इंसाफ के लिए सड़क पर बीती रात
पीड़ित समाज का कहना है कि जब उन्होंने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने घर में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों तक को बेरहमी से पीटा। वारदात के तुरंत बाद पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुँचे थे और शिकायत भी दी गई थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ समय रहते सख्त एक्शन न होने से हताश होकर पूरी कॉलोनी के लोग अपना घर-बार छोड़कर रात के समय थाने के बाहर सड़क पर बैठने को मजबूर हो गए।
SC/ST एक्ट और बेअदबी का पर्चा दर्ज करने की मांग, पुलिस अलर्ट
प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट और धार्मिक बेअदबी (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।पुलिस अधिकारियों ने लाइव वीडियो को अपने कब्जे में ले लिया है और वीडियो में दिख रहे चेहरों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और बहुत जल्द सभी हमलावर सलाखों के पीछे होंगे, जिसके बाद वाल्मीकि समाज ने धरना समाप्त किया। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

