लुधियाना में पटाखा कारोबार पर GST विभाग मेहरबान, सरकारी खजाने को लग रहा चूना
punjabkesari.in Wednesday, Nov 04, 2026 - 11:23 AM (IST)
लुधियाना (सेठी): पंजाब के राज्य जी एस टी विभाग के अधिकारी वहां ध्यान देने को तैयार नहीं हैं, जहां से सीधे-सीधे सरकारी खजाने में राजस्व आ सकता है। सूत्र बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से पटाखा कारोबारियों ने जी.एस.टी जमा नहीं कराया है और न ही अधिकारियों ने इस पर कोई सख्त कार्रवाई की है। इस वर्ष चर्चा है कि कारोबारी 60 हजार रुपये प्रति दुकान जी.एस.टी जमा कराने की बात कर रहे हैं, लेकिन यह राशि वास्तव में जमा होगी या नहीं, इस पर भी सवालिया निशान है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पटाखा बिक्री के लिए कुल 95 दुकानों का ड्रा निकाला गया है। इसमें दाना मंडी में 40 दुकानें, हैबोवाल-हंबड़ां रोड मंडी में 13, वर्धमान ग्राउंड में 25, मॉडल टाउन में 7, दुगरी ग्राउंड में 6 और लोधी क्लब रोड पर 4 दुकानें खोली गई हैं। हैरानी की बात यह है कि जी.एस.टी अधिकारी टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए आम दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के पास डोर-टू-डोर इंस्पेक्शन करते रहते हैं। इसके बावजूद जहां से सीधा और भारी टैक्स मिल सकता है, वहां विभाग का कोई फोकस नहीं दिखता। नियम के मुताबिक हर अस्थायी पटाखा दुकान पर जी.एस.टी नंबर लिखा होना और बिल बुक रखना अनिवार्य है।
सोचने वाली बात यह है कि ये पटाखा कारोबारी एक-एक दुकान पर 30 लाख रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक के पटाखों का स्टॉक रखते और बेचते हैं। इतनी बड़ी बिक्री के मुकाबले महज 60 हजार रुपये टैक्स देना, विभाग और सरकार के नियमों का सीधा उपहास उड़ाने जैसा है। क्योंकि पटाखों पर 18 फीसदी जी एस टी दर लागू होती है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्चाधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेकर इस वर्ष उचित टैक्स वसूल कर पाएंगे या फिर हर बार की तरह इस बार भी सरकारी खजाने को चूना लगेगा। दीपावली में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं; कारोबारी हर वर्ष की तरह बातों-बातों में समय बिता रहे हैं और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे टैक्स का इंतजार कर रहे हैं।
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