Ludhiana : एक खबर छपते ही हरकत में आया बिजली विभाग, मौके पर पहुंच गई पूरी टीम
punjabkesari.in Monday, Jul 20, 2026 - 07:49 PM (IST)
लुधियाना (विक्की): पुरानी माधोपुरी की गली नंबर-1 में पिछले लगभग 30 वर्षों से जर्जर बिजली की तारों का जाल स्थानीय लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ था। जगह-जगह से तार टूटे हुए थे, कई स्थानों पर दर्जनों जोड़ लगाए गए थे और आए दिन स्पार्किंग, शॉर्ट सर्किट तथा बिजली के उतार-चढ़ाव के कारण लोग भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। कई बार लोगों के बिजली उपकरण खराब हुए तो कई बार हादसे होने से बाल-बाल बचाव हुआ। क्षेत्रवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर करीब 367 दिन पहले पावरकॉम अधिकारियों को लिखित शिकायत भी सौंपी थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान करना जरूरी नहीं समझा।
विभाग की लगातार अनदेखी से परेशान लोगों ने आखिरकार अपनी पीड़ा पंजाब केसरी के माध्यम से उठाई। सोमवार को पंजाब केसरी ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसमें यह बताया गया कि 30 साल पुरानी जर्जर तारें कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई और पावरकॉम के अधिकारियों की भी नींद टूट गई।
इस पूरे मामले में वार्ड के कांग्रेस पार्षद अरुण शर्मा भी लगातार क्षेत्रवासियों के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कई बार अधिकारियों के समक्ष लोगों की समस्या रखी और जल्द समाधान की मांग की। पार्षद अरुण शर्मा ने स्पष्ट कहा था कि यदि समय रहते तारें नहीं बदली गईं तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर क्षेत्रवासियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी थी।
टीम बंडल लेकर पहुंची, नई लाइन बिछाने का काम शुरू
पंजाब केसरी में खबर प्रकाशित होने के कुछ ही समय बाद पावरकॉम की पूरी टीम नए बिजली के तारों के बड़े-बड़े बंडल लेकर पुरानी माधोपुरी गली नंबर-1 पहुंच गई। कर्मचारियों ने पुराने और खतरनाक तारों को हटाने तथा नई बिजली लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया। लंबे समय से कार्रवाई का इंतजार कर रहे लोगों ने जब विभाग की टीम को मौके पर काम करते देखा तो उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि पिछले एक साल से वे लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा। किसी भी अधिकारी ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना था कि यदि पंजाब केसरी उनकी आवाज को प्रमुखता से न उठाता और पार्षद अरुण शर्मा लगातार उनके साथ खड़े होकर अधिकारियों पर दबाव न बनाते, तो शायद यह समस्या अभी भी फाइलों में ही दबी रहती।
मीडिया और जनप्रतिनिधि के प्रयासों को सराहा
इलाकावासियों ने पंजाब केसरी का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि अखबार ने आम लोगों की आवाज को बुलंद किया और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूर किया। वहीं पार्षद अरुण शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने केवल आश्वासन नहीं दिया, बल्कि हर स्तर पर उनका साथ निभाया और समस्या के समाधान तक लगातार प्रयास करते रहे।
लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन इसी तरह गंभीरता दिखाएगा, ताकि नागरिकों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए महीनों और वर्षों तक संघर्ष न करना पड़े। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि यदि मीडिया और जनप्रतिनिधि मिलकर आम जनता की आवाज बनें, तो वर्षों से लंबित समस्याओं का भी समाधान संभव है।



