छावनी मोहल्ला खूनी टकराव में पुलिस की बड़ा Action,  जानें क्या है पूरा मामला

punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 09:41 AM (IST)

लुधियाना, (राज) : छावनी मोहल्ला के पिप्पल चौक के पास मंगलवार दोपहर पुरानी रंजिश के चलते हुए सनसनीखेज खूनी टकराव और सरेआम फायरिंग के मामले में थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने दोनों विरोधी गुटों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म एक्ट, दंगा भडक़ाने और गैर-कानूनी जमावड़ा करने की संगीन धाराओं में क्रास केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मंगलवार को गोलीबारी करने वाले मुख्य आरोपियों के खिलाफ 20 दिन पुराने एक अन्य जानलेवा हमले के मामले में भी दूसरी अलग एफ.आई.आर. दर्ज की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि शहर के दो कुख्यात युवा गिरोह लंबे समय से एक-दूसरे पर खूनी हमले कर रहे हैं और मंगलवार को छावनी मोहल्ला में हुआ हमला उसी गैंगवार की कड़ी था।

एसएचओ हरपाल सिंह की शिकायत पर दोनों गुटों पर दर्ज हुआ केस :
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को हुई हिंसक झड़प के मामले में थाना डिवीजन नंबर 4 के सब-इंस्पेक्टर हरपाल सिंह के बयानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में एक तरफ मौके पर फायरिंग करने वाले राहुल मोटा, गुरी मट्टू और उनके अज्ञात साथियों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरी तरफ उनके विरोधी गुट के जोगराज सिद्धू, लल्ला, आकाशदीप उर्फ आकाश, रमन सिद्धू और उनके अन्य साथियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ धारा 109 (हत्या का प्रयास), 125 (दूसरों की जान खतरे में डालना), 194(2) (दंगा/अफ्ऱे), 191(3) (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा करना) और 190 (गैर-कानूनी जनसमूह का सदस्य होना) के तहत केस दर्ज किया है। एसआई हरपाल सिंह ने बताया कि दोनों गुटों की पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार दोपहर पिप्पल चौक पर भारी टकराव हुआ, जिसमें राहुल गुट ने सरेआम गोलियां चलाईं, जिससे आकाशदीप घायल हो गया और सार्वजनिक क्षेत्र में लोगों की जान जोखिम में पड़ गई।

20 दिन पुराने हमले में राहुल मोटा समेत 5 पर दूसरी एफ.आई.आर. :
इसके अलावा, छावनी मोहल्ला निवासी संजू के बयानों पर पुलिस ने राहुल मोटा और उसके साथियों के खिलाफ एक और अलग एफ.आई.आर. दर्ज की है। इसमें नामजद आरोपी हैं ऋषि नगर काा राहुल मोटा, काराबारा चौक गुरी मट्टू, संधू नगर निवासी लोविश, शाही मोहल्ले का पिंजर, बिंद्रा कॉलोनी का लक्की और उनके अज्ञात साथी है। आरोपियों पर अलग अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। संजू ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को वह मोहल्ले में लगने वाले मेले में जा रहा था, तभी रास्ते में इन आरोपियों ने उसे घेरकर तेजधार हथियारों से बुरी तरह काटा था। वह गंभीर चोटों के चलते कई दिनों तक एक निजी अस्पताल में दाखिल रहा।

घायल दोस्त का हालचाल पूछकर लौट रहे थे आकाश और जोगराज
आकाशदीप के पिता सतपाल ने बताया कि संजू उनके बेटे आकाश और जोगराज का करीबी दोस्त है। कुछ दिन पहले ही संजू अस्पताल से छुट्टी पाकर घर लौटा था। मंगलवार को आकाशदीप, जोगराज और उनके साथी केवल संजू की तबीयत का हालचाल जानने उसके घर गए थे। जैसे ही वे मिलकर वापस लौट रहे थे, रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे राहुल मोटा गुट ने उन पर हमला बोल दिया, कार चकनाचूर कर दी और आकाश को गोली मार दी। मामले के जांच अधिकारी एएसआई जीवन सिंह ने 18 अगस्त के मामले में देरी से केस दर्ज होने पर स्पष्ट किया कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान डॉक्टर ने संजू को बयान देने के अनफीट घोषित किया हुआ था। डिस्चार्ज होने के बाद भी संजू ने बयान दर्ज नहीं करवाए थे। मंगलवार को संजू द्वारा विधिवत बयान दर्ज करवाए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।

सोशल मीडिया पर ललकार और गैंगवार का बैकग्राउंड :
जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंगवार की जड़ें जून महीने से जुड़ी हैं। जून में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें हैबोवाल के युवकों का एक समूह सलेम टाबरी इलाके में चक्कर काटकर अपने विरोधियों को ललकारते हुए गालियां दे रहा था। इसके कुछ ही दिनों बाद सलेम टाबरी के बदमाशों ने हैबोवाल निवासी राहुल पर जानलेवा हमला कर दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच इलाके में वर्चस्व को लेकर पुरानी खींचतान चल रही है। पुलिस अब दोनों पक्षों के अन्य आपराधिक मामलों की कुंडली खंगाल रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।


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Vatika

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