Ludhiana: अवैध निर्माणों पर MC कमिश्नर का सख्त एक्शन, 2 अधिकारियों पर गिरी गाज
punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 06:35 PM (IST)
लुधियाना (राज/हितेश): अवैध निर्माणों और करोड़ों रुपये के बकाया राजस्व की वसूली को लेकर लुधियाना नगर निगम (MC) की कमिश्नर डॉ. नीरू कट्याल गुप्ता ने अब बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ड्यूटी में कोताही बरतने और दागी अफसरों को कड़ा सबक सिखाते हुए कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच के 2 बिल्डिंग इंस्पेक्टरों हरमिंदर मक्कड़ और दलीप सोनी के खिलाफ चार्जशीट की सिफारिश कर दी है।

इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने अपने-अपने इलाके में धड़ल्ले से हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और अपने सरकारी कर्तव्यों को निभाने में घोर लापरवाही बरती। निगम कमिश्नर डॉ. नीरू कट्याल गुप्ता द्वारा यह कड़े निर्देश शुक्रवार को सराभा नगर स्थित एमसी जोन-डी कार्यालय में आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान जारी किए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में निगम के संयुक्त कमिश्नर तपन भनोट समेत चारों जोन के सहायक नगर योजनाकार (ATP) और अन्य उच्चाधिकारी विशेष रूप से मौजूद थे। समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व घाटे को लेकर नाराजगी जताते हुए निगम कमिश्नर डॉ. गुप्ता ने साफ किया कि बकाया वसूली के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों को साफ अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जितने भी लंबित चालान हैं, उनकी वसूली की प्रक्रिया में तुरंत तेजी लाई जाए।
इसके साथ ही एमसी की विभिन्न शाखाओं के डीडीओ (DDOs -आहरण एवं संवितरण अधिकारियों) को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का कुशलतापूर्वक पालन करें, वरना गाज गिरने के लिए तैयार रहें। एक तरफ जहां अधिकारियों को अवैध निर्माण करने वालों पर बिना किसी रहम के शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ एमसी कमिश्नर डॉ. गुप्ता ने लुधियाना के निवासियों से भी एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि शहरवासी किसी भी तरह का निर्माण कार्य तभी शुरू करें, जब उन्हें नगर निकाय (MC) से उनके बिल्डिंग प्लान की वैध मंजूरी मिल जाए।
कमिश्नर ने चेतावनी दी कि यदि बिना मंजूरी के कोई भी निर्माण पाया गया, तो उसे अवैध मानकर तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अब नियमित रूप से समीक्षा बैठकें होंगी और किसी भी अधिकारी की मिलीभगत पाई गई तो विभागीय कार्रवाई तय है। निगम की संपत्तियों पर कुंडली मारकर बैठे डिफॉल्टरों के खिलाफ भी एमसी कमिश्नर ने बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। सरकारी संपत्तियों से बकाया किराया और लीज की रकम वसूलने के लिए चारों जोन के अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शहर के सभी डिफॉल्टरों को कानूनी नोटिस थमाए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को इस रिकवरी की प्रोग्रेस रिपोर्ट (डेली) आधार पर चेक करने को कहा गया है। एमसी कमिश्नर डॉ. गुप्ता ने किरायेदारों और लीज धारकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि वे भारी जुर्माने और सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई से बचने के लिए अपना सारा बकाया समय पर नगर निगम के खजाने में जमा करवा दें।
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