SD College Road पर अवैध निर्माण का मामला पहुंचा CM दरबार, निगम अफसरों पर सवाल

punjabkesari.in Saturday, Aug 15, 2026 - 02:40 PM (IST)

जालंधर: एस.डी. कॉलेज रोड पर धड़ल्ले से हो रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा। मौके पर लगातार निर्माण सामग्री पहुंच रही है और इमारत का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सामने आया था कि एस.डी. कॉलेज रोड पर एक ही प्लाट के तीन हिस्से किए गए हैं, जिनमें से एक हिस्से में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण किए जाने की शिकायत सामने आई थी। निगम की ओर से नोटिस जारी करने की कार्रवाई तो की गई, लेकिन इसके बाद भी निर्माण जारी रहने से निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नोटिस सिर्फ कागजों तक सीमित?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर निगम नोटिस जारी करता है, तो उसके बाद मौके पर निर्माण रुकना चाहिए। लेकिन यहां नोटिस के बावजूद काम जारी रहना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी कहां है। लोगों का आरोप है कि दिन के समय भी निर्माण गतिविधियां जारी हैं और संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई गई।

पहले एक मंजिल, अब बढ़ता गया निर्माण
मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, निर्माण शुरू होने के समय स्थिति अलग थी, लेकिन धीरे-धीरे इमारत की मंजिलें बढ़ती गईं। अब मौके पर निर्माण काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में सवाल यह भी है कि यदि निर्माण नियमों के विपरीत था तो शुरूआती स्तर पर ही इसे क्यों नहीं रोका गया। अब तो चौथी मंजिल बनाई जा रही है। 

इंस्पैक्टर और ए.टी.पी. की भूमिका पर फिर सवाल
इस मामले में नगर निगम के संबंधित इंस्पैक्टर को फोन पर पक्ष लेने के लिए फोन किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया।  इलाका ए.टी.पी. की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। नोटिस जारी करने के बाद निर्माण बंद करवाने और नियमों के अनुसार अगली कार्रवाई करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। इसके बावजूद यदि निर्माण जारी रहता है तो यह महज नोटिस जारी करने की कार्रवाई तक सीमित रहने का मामला नजर आता है।

हो गई हाई लेवल पर शिकायत 
पता चला है कि मामले की एक शिकायत लोकपाल तथा सी.एम. पोर्टल पर भी दर्ज की गई है जिसके बाद इस अवैध निर्माण में शामिल अफसरों पर गाज गिरनी तय है। यह भी साफ हो जाएगा कि इस पूरे अवैध काम के पीछे किसकी शह है ? अब देखना यह है कि नगर निगम इस मामले में सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित रहता है या मौके पर चल रहे निर्माण को वास्तव में रुकवाकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है क्योंकि अगर किसी गरीब व्यक्ति का छोटा सा घर बन रहा होता तो कब का सील हो गया होता। 


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Content Writer

Vatika

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