उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पुनर्गठन का विरोध करने वाले 11 वरिष्ठ कांग्रेसियों को नोटिस

11/27/2019 9:40:05 AM

जालंधर(धवन): उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पुनर्गठन का विरोध करने वाले 11 वरिष्ठ कांग्रेसियों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। नोटिस में पार्टी ने सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए नोटिस का तुरंत जवाब मांगा है। कांग्रेसियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति को प्रियंका गांधी वाड्रा से इस संबंध में दिशा-निर्देश मिले थे। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से की प्रभारी प्रियंका गांधी हैं। इन कांग्रेसियों को अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर नोटिस भेजे गए हैं। इन कांग्रेसियों को इसलिए नोटिस थमाए गए थे क्योंकि वे राज्य कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन के बाद सहयोग नहीं दे रहे थे। ए.आई.सी.सी. द्वारा लिए गए फैसले का विरोध करने का खमियाजा इन कांग्रेसियों को भुगतना पड़ा है। 

पार्टी नेताओं ने कहा कि ए.आई.सी.सी. ने पार्टी मामलों को लेकर अब सख्ती करनी शुरू कर दी है। पार्टी के दिशा-निर्देशों की पालना न करने वालों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष अजय कुमार लालू द्वारा पिछले दिनों लखनऊ में बुलाई गई बैठक में भी कई वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भाग नहीं लिया था। जिन कांग्रेसियों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें पूर्व संतोष सिंह, पूर्व एम.एल.सी. नेता सिराज मेहंदी, पूर्व मंत्री राम कृष्ण द्विवेदी व सत्यदेव त्रिपाठी तथा ए.आई.सी.सी. सदस्य राजिन्द्र सिंह सोलंकी शामिल हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी नीतियों व कार्यक्रमों से किनारा करने वाले कांग्रेसियों को भी चेतावनी दी है। पार्टी संगठन की मजबूती के लिए उन्हें हर कार्यक्रम में हिस्सा लेना होगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी स्वयं उत्तर प्रदेश के मामलों में रिपोर्टें ले रही हैं तथा उसी के अनुरूप वह सख्त कदम भी उठा रही हैं। उत्तर प्रदेश में पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस का वोट बैंक सुधरा था और प्रदर्शन में भी सुधार देखा गया था।

 


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