पटियाला मेयर की कुर्सी पर वापसी, लगे कैप्टन जिंदाबाद के नारे

punjabkesari.in Thursday, Dec 02, 2021 - 11:08 AM (IST)

पटियाला (मनदीप सिंह जोसन) : शहर पटियाला के मेयर की कुर्सी को लेकर आज माननीय पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होने के बाद जहां मेयर पक्ष बागोबाग है, वहीं लोकल बॉडी मंत्री पक्ष के पार्षदों के दरमियान मायूसी छाई हुई है। इस सुनवाई के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह जिंदाबाद के नारों के साथ पटियाला पहुंचे संजीव बिट्टू दोबारा मेयर की कुर्सी पर बैठे, इस दौरान जैइंद्र कौर भी मौजूद थी। दूसरी ओर लोकल बॉडी मंत्री खामोश हो गए हैं। नगर निगम में ऐसा माहौल लग रहा था कि संजीव शर्मा बिट्टू कांग्रेस पार्टी के नहीं बल्किकैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के मेयर हों, इस दौरान कांग्रेस पार्टी का नाम तक भी नहीं लिया गया। इस मौके बड़ी संख्या में पार्षद मौजूद रहे।

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मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत सस्पैंड करने का प्रस्ताव डाला गया था, जोकि बिल्कुल गलत था तथा निराधार था। इस दौरान बिट्टू ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपनी हार मान ली है तथा अदालत में जाकर भी कह दिया है कि हमने मेयर को हटाने के लिए कोई आदेश पास नहीं किया, जिसके साथ विरोधी पक्ष को मुंह की खानी पड़ी है। इसलिए अब दोबारा लोगों की पहले की तरह सेवा करेंगे तथा जो लोग शहर वासियों की सेवा में रुकावट डालना चाहते हैं, वह सफल नहीं होंगे।

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नगर निगम पटियाला मेयर मामले को लेकर जो केस माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है, उस मामले पर सुनवाई हुई। जानकारी मिली है कि सरकार द्वारा इस केस में पेश होकर कहा गया है कि हमने अभी तक मेयर को लेकर कोई भी फैसला नहीं लिया। उल्लेखनीय है कि 25 दिसम्बर को हुई हाऊस मीटिंग के दौरान मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को हाऊस द्वारा सस्पैंड करने का प्रस्ताव डाला गया था, अभी तक उस प्रस्ताव को सरकार द्वारा मंजूरी नहीं मिली है, यह प्रस्ताव सरकार के पास पैडिंग है।

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उधर हाऊस द्वारा बनाए गए कार्यकारी मेयर योगिंदर सिंह योगी ने कहा कि हम माननीय अदालत के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। संजीव शर्मा बिट्टू को हाऊस ने सस्पैंड किया है तथा यह मामला अभी एल.आर. के पास पैडिंग है, जिसे पूर्ण तौर पर न तो रद्द किया गया तथा न ही अभी तक मंजूरी दी गई है। इसलिए नगर निगम जैसे सरकारी विभाग में शक्ति प्रदर्शन करने की बजाए अदालती आदेशों का इंतजार करना चाहिए। माननीय अदालत ने अभी तक ऐसा कोई भी आदेश जारी नही किया, जिसके साथ ऐसा शक्ति प्रदर्शन करना चाहिए।

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News Editor

Kalash

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