लुधियाना में सरकारी दावों की निकली हवा, पटवारी गायब, प्राइवेट करिंदों का राज! लोग परेशान

punjabkesari.in Wednesday, Jul 01, 2026 - 12:13 PM (IST)

लुधियाना (शिवम): भ्रष्टाचार मुक्त शासन के सरकारी दावों के बीच मांगट पटवारखाना आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यहां जमालपुर लेली, ससराली, बूथगढ़ और सज्जादवाला सर्कल के पटवारी की कथित लगातार गैर-मौजूदगी के चलते लोगों को अपने कार्य करवाने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर पटवारखाने में बैठे प्राइवेट करिंदे सरकारी रिकॉर्ड के नाम पर लोगों से मनमानी रकम वसूल रहे हैं।

पटवारखाने पहुंचे लोगों ने बताया कि इंतकाल दर्ज करवाने, 30 साल का राजस्व रिकॉर्ड निकलवाने और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें कई दिनों तक दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित पटवारी के दफ्तर में न मिलने पर प्राइवेट करिंदे मोटी रकम लेकर काम करवाने का भरोसा देते हैं। इससे लोगों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि मांगट पटवारखाना शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए कई गांवों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में जब दफ्तर पहुंचने पर संबंधित पटवारी नहीं मिलता तो लोगों का पूरा दिन खराब हो जाता है और उन्हें बार-बार आने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट करिंदों द्वारा सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच बनाकर मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है, जिससे राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम लोगों का सरकारी व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा। लोगों ने जिला प्रशासन और डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मांग की है कि संबंधित पटवारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा पटवारखाने में सक्रिय प्राइवेट करिंदों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

5 में से 4 पटवारी मौजूद, एक की गैरहाजिरी बनी परेशानी

पटवारखाने पहुंचे लोगों ने बताया कि मांगट पटवारखाने में 5 सर्कलों के लिए 5 पटवारी तैनात हैं। इनमें 4 पटवारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहते हैं, जबकि जमालपुर लेली, ससराली, बूथगढ़ और सज्जादवाला सर्कल का कार्य देखने वाला पटवारी कथित तौर पर अक्सर अनुपस्थित रहता है। लोगों का कहना है कि इसी कारण उन्हें कई दिनों तक संबंधित पटवारी की तलाश में भटकना पड़ता है और उनके जरूरी कार्य लंबित पड़े रहते हैं।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News