लुधियाना में बेखौफ चोर! सरेआम चोरीशुदा बाइक घुमाते रहे, घर बैठे मालिक को आया चालान मैसेज

punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 10:16 AM (IST)

लुधियाना(राज): पंजाब में जहाँ एक तरफ रेड अलर्ट के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लुधियाना पुलिस की कार्यप्रणाली चोरों के लिए वरदान साबित हो रही है। ताजा मामला थाना डिवीजन नंबर-8 के अंतर्गत आने वाले रखबाग इलाके का है, जहाँ एक होजरी कारोबारी और RSS नेता का बाइक चोरी होने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाने के बजाय सफेद कागज पर शिकायत लिखकर खानापूर्ति कर दी।

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पुलिस की इस ढीली कार्रवाई का नतीजा यह निकला कि चोर बेखौफ होकर उसी चोरी के बाइक पर शहर में घूम रहे हैं और ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। बाइक मालिक को तब पता चला जब उसे चालान के मैसेज आए। हालांकि, उसने फिर पुलिस को जाकर इसके बारे में बताया, मगर पुलिस के सिर पर जू तक नहीं रेंगी। जानकारी देते हुए टिबबा रोड के रहने वाले होजरी कारोबारी सत्य देव तिवारी ने बताया कि 21 मार्च को रखबाग की पार्किंग से उनका बाइक चोरी हो गया था। उन्होंने दो थानों के चक्कर काटे, जिसके बाद जाकर थाना डिवीजन नंबर-8 की पुलिस ने एक कच्चे सफेद कागज पर शिकायत लिखकर उन्हें टरका दिया। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने न तो मौके पर जाकर सीसीटीवी चेक किए और न ही कंट्रोल रूम को सूचना दी।

पुलिस की इस सुस्ती का फायदा उठाते हुए चोर उसी बाइक पर ट्रिपल राइडिंग कर शहर में घूमते रहे। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पीडि़त के मोबाइल पर मैसेज आया कि शेरपुर चौक पर उनके बाइक का ट्रिपल राइडिंग का चालान कटा है। चोर इतने बेखौफ हैं कि उन्होंने बाइक की नंबर प्लेट तक नहीं बदली थी और सरेआम ही शहर में चोरीशुदा बाइक घुमा रहे है।

टारगेट किलिंग जैसे मामलों से भी पुलिस ने नहीं लिया सबक
यह मामला केवल एक बाइक चोरी का नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान है। गौर हो कि कुछ साल पहले आर.एस.एस. नेता की टारगेट किलिंग में भी चोरी के बाइक का इस्तेमाल हुआ था। उस समय भी मिलर गंज पुलिस ने चोरी की शिकायत दर्ज नहीं की थी, जिसके कारण निर्दोष बाइक मालिक को पुलिसिया प्रताडऩा झेलनी पड़ी थी और बाद में लापरवाह मुलाजिम सस्पेंड हुए थे। लेकिन लगता है कि लुधियाना पुलिस पुराने जख्मों से सबक लेने को तैयार नहीं है।

किसी वारदात में इस्तेमाल हुआ बाइक, तो फंसेगा निर्दोष मालिक
आज के दौर में जब पंजाब में हैंड ग्रेनेड और बम की साजिशों की खबरें आम हैं, पुलिस का चोरी के वाहनों पर केस दर्ज न करना किसी बड़ी वारदात को न्योता देने जैसा है। अगर यह चोरीशुदा बाइक किसी आतंकी वारदात या लूट में इस्तेमाल होता है, तो पुलिस सबसे पहले असली मालिक को ही उठाएगी। उस वक्त पीडि़त के पास न तो एफआईआर की कॉपी होगी और न ही कोई पुख्ता सबूत कि उसका बाइक चोरी हो चुका है। पुलिस के नाकाबंदी के खोखले दावों के बीच चोर सरेआम शहर की सडक़ों पर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं।


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Vatika

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