पंजाब के शिक्षा विभाग के WhatsApp चैनल पर सियासी पोस्टर! केवल ढिल्लों ने AAP सरकार को घेरा

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 03:11 PM (IST)

चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार के विभागों के आधिकारिक चैनलों का दुरुपयोग किया जा रहा है। शनिवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल पर एक पोस्टर प्रसारित किया गया। इस चैनल के लगभग 4.48 लाख फॉलोअर्स हैं। पोस्टर में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का प्रचार किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस पोस्टर पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की तस्वीर भी लगी हुई थी। पोस्टर के प्रसारण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसलिए पंजाब के शिक्षा मंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को इस मामले पर जवाब देना चाहिए।

राजनीतिक मांगें किस पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं? 

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इस पोस्टर में चार राजनीतिक मांगें दर्ज थीं। पहली मांग आगामी सभी चुनावों को रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने की थी। दूसरी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को समाप्त करके नया कानून बनाने की थी। तीसरी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी। चौथी मांग विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने और एक जांच समिति गठित करने की थी।

उन्होंने शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि ऐसी जानकारी किस पाठ्यक्रम का हिस्सा है। पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और चुनाव रुकवाने जैसी मांगों का स्कूल शिक्षा से आखिर क्या संबंध है? इसके अलावा, शिक्षा विभाग के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल पर यह पोस्टर किसके कहने पर प्रसारित किया गया?

पंजाब के शिक्षा मंत्री से जवाब मांगते हुए केवल ढिल्लों ने सवाल किया कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किसके निर्देश पर किया जा रहा है? लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बनाए गए विश्वसनीय मंच का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे के प्रचार के लिए क्यों किया जा रहा है? उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या अब शिक्षा विभाग में चुनावी राजनीति भी पढ़ाई जाएगी? क्या इस चैनल की निगरानी करने वाला कोई नहीं है? बिना किसी जांच-पड़ताल के यह पोस्टर 4.48 लाख लोगों तक कैसे पहुंच गया? उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

विद्यार्थियों व स्कूलों के लिए बनाया गया था यह चैनल 

केवल ढिल्लों ने बताया कि शिक्षा विभाग के आधिकारिक चैनल का उपयोग विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों तक विभागीय परिपत्र, छुट्टियों से संबंधित अधिसूचनाएं तथा प्रवेश और परीक्षाओं से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और सामग्री प्रसारित करने के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश लागू करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

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News Editor

Kalash

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