वेरका दूध की क्वालिटी पर सस्पैंड डायरैक्टर का खुलासा.

punjabkesari.in Tuesday, Mar 06, 2018 - 11:37 AM (IST)

लुधियाना (सलूजा): लुधियाना वेरका मिल्क प्लांट से दिल्ली मिल्क स्कीम के तहत दिल्ली जाने वाला दूध क्वालिटी के मामले में रिजैक्ट होने लगा है। यह खुलासा आज यहां विशेष मुलाकात में वेरका मिल्क प्लांट के सस्पैंड डायरैक्टर धर्मजीत सिंह गिल ने किया और कहा कि आज जब वह किसी काम के सिलसिले में स्थानीय टिब्बा रोड पर जा रहे थे तो उन्होंने वहां पर हजारों लीटर दूध से भरा वेरका मिल्क प्लांट का एक वाहन देखा तो वह रुक गए।

उन्होंने जब इस वाहन चालक से पूछा कि वह यहां पर क्यों खड़ा हुआ है तो उसने बताया कि गाड़ी पंक्चर हो गई है। वह वेरका मिल्क प्लांट से 2 मार्च को दूध लेकर दिल्ली गया था लेकिन दिल्ली वालों ने यह कहकर गाड़ी को लौटा दिया कि यह दूध गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं है।गिल ने यह भी खुलासा किया कि यह ऐसी पहली गाड़ी नहीं है जिसको दिल्ली वालों ने रिजैक्ट करके वापस लौटा दिया हो। इससे पहले भी 3-4 गाडिय़ां बिना दूध की डिलीवरी लिए बैरंग लौटा दी गई थीं। गिल ने जानकारी दी कि वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना का पाऊडर प्लांट पिछले 72 घंटों से ही बंद पड़ा है जिस कारण दूध तो खराब हो ही रहा है और मुलाजिमों के लिए भी परेशानी पैदा हो गई है।

अब सवाल यह पैदा होता है कि इस हो रहे लाखों रुपए के नुक्सान के लिए कौन जिम्मेदार है और इसकी भरपाई कौन करेगा। उन्होंंने बताया कि उनको इसीलिए सस्पैंड किया गया क्योंकि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। वेरका मिल्क प्लांट में एक ऐसी लॉबी है जो नहीं चाहती कि मिल्क प्लांट प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़े। वह इस तरह की कार्रवाइयों से घबराने वाले नहीं, बल्कि भविष्य में वेरका मिल्क प्लांट को डूबने से बचाने के लिए बिना किसी स्वार्थ के अपना बनता फर्ज निभाते रहेंगे। इस मामले बाबत वेरका मिल्क प्लांट के जी.एम. हरमिन्द्र सिंह संधू से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कोई दूध रिजैक्ट नहीं हुआ है, बल्कि अधिक मात्रा में भेजे गए दूध की वापसी हुई है। जहां तक पाऊडर प्लांट के बंद होने का सवाल है उसमें जरूर कुछ समस्या आई थी लेकिन अब वह भी पहले की तरह ही काम कर रहा है।


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