जनता को बड़ी राहत! बर्थ सर्टिफिकेट के लिए दफ्तरों के चक्कर खत्म, पंजाब में नई डिजिटल व्यवस्था लागू

punjabkesari.in Wednesday, Oct 14, 2026 - 09:58 AM (IST)

लुधियाना (राज): लुधियाना समेत पूरे पंजाब के नागरिकों के लिए नवजात बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाना अब बेहद सुगम, त्वरित और झंझट-मुक्त हो गया है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सेवा केंद्रों (सुविधा केंद्रों) के सॉफ्टवेयर को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत शहर के तमाम छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों, निजी नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्रों का पूरा रिकॉर्ड और एरिया वाइज लोकेशन सॉफ्टवेयर में दर्ज कर दी गई है। इस तकनीकी अपग्रेडेशन के बाद अब अभिभावकों को बर्थ सर्टिफिकेट के लिए 15 दिन या महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा; अब महज 2 से 3 दिन के भीतर बच्चों का प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो जाएगा।

पुरानी व्यवस्था में महीनों की भागदौड़, अब 48 से 72 घंटे में समाधान 

पूर्व व्यवस्था के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को अस्पताल से मैनुअल फॉर्म व डिस्चार्ज स्लिप लेकर सेवा केंद्र जाना पड़ता था। इसके बाद फाइल वेरिफिकेशन के लिए नगर निगम के संबंधित जोनल दफ्तरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के पास भेजी जाती थी। इस लंबी कागजी प्रक्रिया और फाइलों की मूवमेंट के कारण सर्टिफिकेट बनने में 15 दिन से लेकर एक महीने से भी ज्यादा समय लग जाता था। कई बार लोगों को क्लर्कों और बाबुओं के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। अब सेवा केंद्रों के सिस्टम में अस्पतालों का सीधा डेटा लिंक हो जाने से यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है और आवेदन के 2 से 3 दिन के भीतर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।

नई व्यवस्था से आम जनता को मिलने वाले 5 बड़े लाभ 

कागजी चक्करों और फाइलों से आजादी: अब सॉफ्टवेयर में अस्पताल का रिकॉर्ड और डिस्चार्ज डेटा सीधे प्रदर्शित होगा। इससे नगर निगम और सेवा केंद्रों के बीच भौतिक फाइलों को भेजने की झंझट पूरी तरह खत्म हो गई है। लोगों को सरकारी दफ्तरों में धक्के खाने से निजात मिलेगी, जिससे दलालों, एजेंटों और कथित लेन-देन पर पूरी तरह रोक लगेगी। अस्पताल की सटीक लोकेशन और बच्चे/माता-पिता का विवरण सॉफ्टवेयर में पहले से दर्ज होने के कारण नाम, जन्मतिथि या स्पेलिंग की गलतियों की संभावना शून्य हो जाएगी। बार-बार निगम या सेवा केंद्र जाने की जरूरत न होने से आम लोगों के समय और यात्रा खर्च दोनों की बड़ी बचत होगी। आवेदक को सिर्फ एक बार सेवा केंद्र जाकर औपचारिकता पूरी करनी होगी। इसके बाद तय समय में प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से डाउनलोड किया जा सकेगा या सेवा केंद्र से प्राप्त हो जाएगा।

पूरे पंजाब में लागू हुई आधुनिक व्यवस्था 

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह आधुनिक डिजिटल व्यवस्था केवल लुधियाना ही नहीं, बल्कि समूचे पंजाब के सभी सेवा केंद्रों में एक साथ लागू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिक सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि किसी भी नागरिक को अपने बुनियादी अधिकारों और दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। इस कदम से स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Kalash

Related News