लिव-इन रिलेशनशिप पर सख्ती? पंजाब में लाया जा सकता है नया कानून!
punjabkesari.in Monday, Jan 26, 2026 - 02:13 PM (IST)
चंडीगढ़ (अर्चना सेठी): पंजाब में घर की चारदीवारी महिलाओं के लिए महफूज नहीं रही है। महिलाओं का घरों में घरेलू उत्पीड़न हो रहा है। कभी विवाहेतर संबंधों की वजह से पति अपनी पत्नियों के साथ मारपीट कर रहे हैं तो कभी नशे की लत उन्हें हिंसक बना रही है, सिर्फ इतना ही नहीं ससुर अपनी बहू को यौन संबंध बनाने के लिए तनाव भी दे रहे हैं। पढ़े-लिखे पति पत्नी के बीच भी मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं। पंजाब राज्य महिला आयोग के आंकड़ों की मानें तो पंजाब से पिछले एक साल में घरेलू हिंसा से संबंधित 800 के करीब शिकायतें पहुंची हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान महिला आयोग को 1200 शिकायतें मिली जिनमें से घरेलू हिंसा की तकरीबन 800 शिकायतें, दुष्कर्म और सैक्सुअल हरासमैंट की 817 शिकायतें, दहेज उत्पीड़न की करीब 200 शिकायतें, लिव इन रिलेशन से जुड़ी 159 शिकायतें मिली। हालांकि वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2025 के बीच राज्य महिला आयोग को कुल 27,064 शिकायतें पहुंची हैं और उनमें से 21,303 शिकायतों का निवारण किया जा चुका है।
रिश्तों को तार-तार करने वाली शिकायतें आ रही
पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने बताया कि इन दिनों प्रदेश के विभिन्न जिलों से रिश्तों को तार-तार करने वाली शिकायत मिल रही हैं जिसमें पिता समान ससुर अपनी बेटी तुल्य बहू को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। आयोग के पास एक महीने में करीब 4 ऐसी शिकायतें आने लगी हैं। हाल ही में एक परिवार का ऐसा ही मामला सामने आया है। इसमें ससुर बहू को यौन संबंध बनाने और बच्चा पैदा करने के लिए दबाव बना रहा है।
बेटे की मौत के बाद ससुर बहू की पहली शादी से पैदा हुए बच्चे के नाम अपने मृत बेटे की संपत्ति नहीं करना चाहता और इसी वजह से बहू को अपना बच्चा पैदा करने के लिए कह रहा है। सास भी पति का ही साथ दे रही है। गिल ने कहा कि कुछ ऐसी भी शिकायतें आ रही हैं जिसमें पति भी पिता की ऐसी मांग का समर्थन कर रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामले समाज का ताना-बाना बिखेर रहे हैं। ऐसे मामलों में घरेलू हिंसा के अंतर्गत ही कार्रवाई की जाती है।
पंजाब में तेजी से बढ़ रहा लिव इन रिलेशन
राज लाली गिल ने बताया कि घरेलू हिंसा के बाद दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न, कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी शिकायतें भी आयोग के पास आ रही हैं। लड़कियां कभी अपने साथ कालेज में पढ़ने वाले साथियों की चालाकी का शिकार हो जाती हैं तो कभी लिव इन में रहकर लड़के के हाथों ब्लैकमेल के डर से लड़के के दोस्तों द्वारा किए दुष्कर्म के बाद आयोग से मदद मांगने पहुंच रही हैं। लिव इन रिलेशन जैसे मामले पंजाब में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। लड़कियां लड़कों के चंगुल में फंस कर बर्बाद हो रही हैं और लड़के लड़कियों के भोलेपन का फायदा उठा रहे हैं।
ऐसे मामलों को कानून के दायरे में लाने की जरूरत हो गई है क्योंकि लिव इन रिलेशनशिप जैसे रिश्ते समाज के लिए अभिशाप का रूप धारण कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने बेशक लिव इन रिलेशन को मंजूरी दे रखी है परंतु इन रिश्तों को लेकर अगर कानून नहीं बनेगा तो लड़कियां उत्पीड़न का शिकार बनती रहेंगी। लिव इन में रहने के बाद लड़की जब लड़के से विवाह के लिए कहती है और वह मना कर देता है तो लड़की जब मजबूरी में रेप का मामला दर्ज करवाने की कोशिश करती है तो यह मामला दर्ज नहीं हो सकता क्योंकि लड़की अपनी मर्जी से लड़के के साथ रहने को राजी हुई थी। ऐसे में लड़कियों का जीवन खराब हो जाता है।
लड़की को मिलेगा गुजारा भत्ता
राज लाली गिल ने बताया कि लिव इन रिलेशंस को बढ़ता देख उन्होंने पंजाब सरकार से लिव इन रिलेशन से जुड़े रिश्तों को लेकर कानून बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने सरकार को लिखा है कि अगर कोई भी लड़का लड़की बिना विवाह के 4 से 6 महीनों तक लिव इन रिलेशन में रह लेते हैं तो उनके रिश्ते को विवाह तुल्य माना जाएगा और उनका रिश्ता कांट्रैक्ट मैरिज के दायरे में माना जाएगा। लड़के को लड़की को पत्नी के समान गुजारा भत्ता और अन्य अधिकार देना होंगे। आयोग ने साइबर लॉ में भी सख्ती लाने को लिखा है ताकि लिव इन रिलेशन में रहने वाली लड़की की तस्वीरें या वीडियो अगर लड़का लड़की को ब्लैकमेल करने के लिए सोशल मीडिया पर डालता है तो उस लड़के को बख्शा नहीं जाएगा और तस्वीर या वीडियो भी तुरंत मीडिया से हटा दिया जाएगा।
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